सरकार निभा रही जिम्मेदारी, हम भी निभाएं कर्तव्य: एआर खान

- समर्पण संस्था की ओर से 75 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर  'सामाजिक समानता और न्याय' विषयक विचार गोष्ठी आयोजित


महानगर संवाददाता
जयपुर।
संविधान में दिए अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी बच्चों को देना बहुत जरूरी है। आम आदमी के विकास से जुड़े कानूनों की जानकारी भी जनता को देना जरूरी है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को काम करना चाहिए। यह विचार समर्पण संस्था की ओर से 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित 'सामाजिक समानता व न्याय' विषयक विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आई.ए.एस. ए.आर.खान ने व्यक्त किए।
        उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन हम भी समाज के प्रति हमारे कर्तव्यों को निभाएं। इससे पूर्व श्री कल्याण नगर, करतारपुरा स्थित संस्था कार्यालय के सामने मुख्य अतिथि खान ने अन्य अतिथि व पदाधिकारियों के साथ ध्वजारोहण किया। इसके बाद विचार गोष्ठी की शुरुआत दीप प्रज्जवलन के साथ समर्पण प्रार्थना से की गई, जिसे कवि रामलाल रोशन ने प्रस्तुत किया।

शेष जीवन को श्रेष्ठ बनाने का प्लेटफॉर्म है समसमर्पण संस्था


संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने स्वागत भाषण में संस्था के सिद्धांत व कार्यक्रमों की विस्तृत व्याख्या करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. माल्या ने कहा कि समर्पण संस्था अपने शेष जीवन को श्रेष्ठ बनाने का प्लेटफॉर्म है। आज के परिप्रेक्ष्य में संविधान हमारा पवित्र ग्रंथ है, जिससे हमारा देश व जीवन चल रहा है। दूसरी तरफ हमारे पवित्र धार्मिक ग्रंथ हैं, जो हमारी जीवन शैली को सुन्दर बनाते हैं, लेकिन धार्मिक ग्रंथों में दी गई वर्ण व्यवस्था को आज परिप्रेक्ष्य में समीक्षा कर लिखा जाना जरूरी है। क्योंकि, लोग उन्हें ज्यादा पढ़ते हैं। इस अवसर पर रमेश कुमार बैरवा व नेतराम राजस्थानी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।

समाज का एकजुट होना जरूरी

मुख्य वक्ता व संस्था के मुख्य संरक्षक सेवानिवृत्त कर्नल एस. एस. शेखावत ने कहा कि पांचों अंगुलियां जब एक साथ जुड़ती हैं, तब ही मुट्ठी बनती है। पूरे मानव समाज में एकजुटता का होना बहुत जरूरी है। आपसी ऊंच-नीच का भेदभाव केवल शिक्षा से ही खत्म हो सकता है। व्यावसायिक शिक्षा के साथ मनुष्यता की शिक्षा का होना भी जरूरी है। विशिष्ट अतिथि सी.ए. विजय गोयल ने कहा कि 'स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है लेकिन उसे बनाए रखना भी बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण है। नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य व संसाधनों में समानता मिले, यह उनका मूलभूत अधिकार है। और इसे प्राप्त करने का तरीका शिक्षा व संवाद ही है।'

समाज में आए समानता


मुख्य वक्ता संस्था के मुख्य सलाहकार व पूर्व जिला न्यायाधीश उदय चंद बारूपाल ने कहा कि सामाजिक समानता का संदेश सबसे पहले गौतम बुद्ध ने दिया और उसके बाद डॉ. अम्बेडकर ने दिया। हमारे संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा है। प्रत्येक व्यक्ति को संविधान पढऩा चाहिए तथा उसकी पालना करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि सहकारिता विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त रजिस्ट्रार बंशीलाल चोमिया ने शैक्षिक संस्थान में दो निर्धन बालिकाओं को निशुल्क पढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि 'समानता के लिए हमें निरन्तर प्रयास करते रहना चाहिए।'

समाज-सेवियों का किया सम्मान

मुख्य वक्ता और संस्था के प्रधान मुख्य संरक्षक जनाब अब्दुल सलाम जौहर ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि न्याय व संविधान के अधिकारों की पैरवी के लिए नियमित काम करना जरूरी है। नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम में रक्तदाता प्रेरकों, एजुकेशनल एम्बेसडर व संस्था में नए जुड़े मुख्य संरक्षक व संरक्षक सदस्यों को सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। गोष्ठी में संस्था सदस्यों के अलावा अनेक गणमान्य व समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने प्रमुखता से भाग लिया। मंच संचालन आर.जे. और वॉयस आवर आर्टिस्ट नवदीप सिंह ने किया। 


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