सांगानेर भाजपा मण्डल से किनारा, वसुंधरा समर्थक मंच नया ठिकाना

जस्ट टुडे एक्सक्लूसिव

- उपेक्षा से नाराज भाजपा के परम्परागत कार्यकताओं ने सांगानेर मण्डल से बनाई दूरी, वसुधरा राजे समर्थक मंच से जोड़ा नाता


जस्ट टुडे
जयपुर।
गैरों से शिकायत क्या करना...अपनों ने भी तो दगा ही किया...जिनको हम अपना समझते थे...हम पर हर वार उन्हीं ने किया। सांगानेर भाजपा मण्डल के परम्परागत कार्यकर्ताओं का दुख भी कुछ इसी तरह का है। इन परम्परागत वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सांगानेर में भाजपा को वटवृक्ष बनाने में पूरा जीवन झोंक दिया। इन्हीं परम्परागत कार्यकर्ताओं की वजह से सांगानेर में भाजपा का किला अभी तक अभेद्य ही रहा है। लेकिन, अपनी उपेक्षा से नाराज परम्परागत कार्यकर्ता ने धीरे-धीरे सांगानेर भाजपा मण्डल से दूरी बना ली है। यह दूरी मन की बनी है, ऐसे में इसे पाटना बहुत ही मुश्किल है। परम्परागत कार्यकर्ताओं की मजबूरी यह है कि वे भाजपा को छोड़ भी नहीं सकते और सांगानेर भाजपा मण्डल में अपनी बेइज्जती भी नहीं करवा सकते। ऐसे में अधिकतर परम्परागत कार्यकर्ताओं ने वसुंधरा राजे समर्थक मंच को अपना नया ठिकाना चुना है। ऐसे में वे भाजपा के भी कहलाएंगे और सांगानेर भाजपा मण्डल के अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज भी बुलंद कर सकेंगे। भले ही वसुंधरा राजे समर्थक मंच को भाजपा पार्टी से मान्यता नहीं है, लेकिन, सभी जानते हैं कि वसुंधरा राजे दो बार राज्य की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। वसुंधरा राजे समर्थक मंच से जुडऩे वाले परम्परागत कार्यकर्ताओं से भाजपा को तो खतरा नहीं है, लेकिन, सांगानेर भाजपा मण्डल में अनुभव और निष्ठा की कमी हो गई है। आखिर परम्परागत कार्यकर्ताओं ने सांगानेर मंडल से क्यों बनाई दूरी? क्या मंडल की ओर से परम्परागत कार्यकर्ताओं की हो रही है मान-मनौव्वल? पेश है जस्ट टुडे की पूरी रिपोर्ट- 

कार्यकारिणी में एडजस्ट करने का किया जा रहा है वादा

सांगानेर भाजपा मण्डल के वर्तमान धुरंधरों को भी धीरे-धीरे यह बात समझ में आने लग गई है। इसलिए वे येन-केन प्रकारेण परम्परागत कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सांगानेर मण्डल की ओर से एक जयपुर जिला पदाधिकारी मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। वे नाराज वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मान-मनौव्वल कर रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं को पद देने का भी आश्वासन दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्यकर्ताओं से कहा जा रहा है कि वर्तमान मण्डल कार्यकारिणी के निष्क्रिय सदस्यों को हटाया जाएगा और उन पदों की जिम्मेदारी आपको सौंपी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि सांगानेर भाजपा मण्डल की कार्यशैली से नाराज चल रहे सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को यह मैसेज पहुंचाया जा रहा है। 

कार्यकर्ताओं को फिर से ठगने का शुरू हुआ प्रयास

सांगानेर मण्डल के परम्परागत कार्यकर्ताओं का कहना है कि कार्यकारिणी से निष्क्रिय सदस्यों को हटाने का यह दावा सिर्फ लॉलीपॉप है। इनका कहना है कि सांगानेर भाजपा मण्डल की कार्यकारिणी जिला संगठन से अभी हाल ही में घोषित की गई है। ऐसे में इतनी जल्दी कार्यकारिणी को बदलना संभव नहीं दिख रहा है। वहीं यदि कार्यकारिणी में निष्क्रिय सदस्य हैं, तो पहले उन्हें जगह देने वालों पर संगठन क्या कार्रवाई करेगा? दूसरा कौन निष्क्रिय सदस्य है और कौन सक्रिय सदस्य है, यह तय करने का पैमाना क्या है और कौन यह तय करेगा? तीसरा पहले कार्यकारिणी में शामिल करने के बाद निष्क्रिय बताकर उन्हें हटा देने से क्या वे सदस्य मण्डल की खिलाफत नहीं करेंगे? इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे में सांगानेरभाजपा मण्डल के पदाधिकारी ऐसा दावा करके फिर से कार्यकर्ताओं को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। 

मंच हुआ मजबूत तो मण्डल बना मजबूर

सांगानेर भाजपा मण्डल की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर वसुंधरा राजे समर्थक मंच का दामन थामने वाले परम्परागत और निष्ठावान कार्यकर्ता एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों हैं। इन कार्यकर्ताओं ने वसुंधरा राजे समर्थक मंच को मजबूत किया है, वहीं इनके नहीं रहने से सांगानेर मण्डल मजबूर सा हो गया है। कई ऐसे कार्यकर्ता भी हैं, जिन्होंने वसुंधरा राजे समर्थक मंच का दामन तो नहीं थामा है, लेकिन, सांगानेर भाजपा मण्डल से दूरी बना ली है। पिछले लॉकडाउन के दौरान समाज-सेवा में आगे रहने वाला सांगानेर भाजपा मण्डल इस बार फिसड्डी क्यों रह गया? इस पर जिला पदाधिकारियों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। 

इन कार्यकर्ताओं ने थामा वसुंधरा मंच का दामन

मदन सिंह  राजावत, भगवान सिंह नरूका, भगवान सिंह जादौन, राजेन्द्र चंदेरा ने सांगानेर मण्डल की उपेक्षा से नाराज होकर वसुंधरा राजे समर्थक मंच का दामन थाम लिया है। वहीं भाजपा के दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने वसुंधरा राजे के दूसरे मंचों से नाता जोड़कर सांगानेर मण्डल से दूरी बना ली है। 

Popular posts from this blog

सांगानेर सिंधी पंचायत और सिंधी ब्रह्म खत्री ने त्रिलोक महाराज को हटाया

व्यापार महासंघ, सांगानेर के पूर्व पदाधिकारियों की मीटिंग से जन्मा नया विवाद, एक पदाधिकारी ने चुनाव पर सहमति होना बताया तो दूसरों ने किया इससे इनकार

सांगानेर बाजार में पटाखे की चिंगारी कहर बनकर टूटी