जीवन रक्षा ना कर पाई तो फ्री में मोक्ष दिलवाएगी सरकार

 - कोरोना से मरने वाले मृतकों के दो परिजनों का रोडवेज बस में हरिद्वार जाना-आना हुआ नि:शुल्क



जस्ट टुडे
जयपुर। कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के बाद अब अस्थियों के विसर्जन का खर्चा भी राज्य सरकार उठाएगी। सरकार ने अब मृतक के परिजनों को हरिद्वार ले जाने और लाने का खर्च स्वयं उठाने का निर्णय किया है। इस निर्णय के मुताबिक हरिद्वार के लिए जाने वाली राजस्थान रोडवेज की साधारण बसों में मृतक व्यक्ति के दो परिजनों से आने-जाने का  किराया नहीं लिया जाएगा। हालांकि, इस यात्रा से पहले परिजनों को रोडवेज की वेबसाइट पर पंजीयन करवाकर कुछ जानकारी अपलोड करनी होगी। 

...तो चलाएंगे विशेष बस भी

राजस्थान रोडवेज की मानें तो सरकार की मोक्ष कलश योजना के तहत एक अस्थि कलश के साथ हरिद्वार जाने-आने के लिए परिवार के दो सदस्यों को रोडवेज की बस में नि:शुल्क यात्रा सुविधा दी गई है। राजस्थान रोडवेज की ओर से सभी जिला मुख्यालय से हरिद्वार के लिए एक्सप्रेस बस चलाई जाती है, जिसमें इन यात्रियों को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया किसी जिले से अगर एक ही दिन में हरिद्वार जाने वालों की संख्या 23 कलश के साथ 46 लोगों की हुई तो विशेष बस भी चला दी जाएगी।

ऑनलाइन पंजीयन में देनी होंगी ये जानकारी

इस सेवा के लिए लोगों को पहले राजस्थान रोडवेज की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीयन करवाना अनिवार्य है। पंजीयन के समय मृत व्यक्ति की पूरी जानकारी, मृत्यु तारीख, यात्रा के लिए परिवार के सदस्यों के नाम, उम्र, उनके आधार या जनाधार नम्बर, मोबाइल नम्बर की जानकारी देनी होगी। इस रजिस्ट्रेशन के बाद रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यक्ति के पास मोबाइल पर मैसेज आएगा, जिसमें बस कब और कितने बजे जाएगी, इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा फोन पर भी रोडवेज प्रशासन की तरफ से यात्री की जानकारी दी जाएगी। जिन दस्तावेज को पंजीयन के समय अपलोड किया जाए, यात्रा के समय उसकी फोटो कॉपी साथ रखनी होगी।

अंतिम संस्कार का भी सरकार ने उठाया खर्चा

इससे पहले सरकार ने कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार का खर्चा उठाने का निर्णय किया था। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कोविड से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी मुफ्त रखी है। इसके तहत सभी कलेक्टरों और जिला परिषद के सीईओ को आदेश जारी कर मरने वालों के ससम्मान अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने को कहा था। आदेशों के मुताबिक, अंतिम संस्कार में कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखने की बात कही है।

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