अवैध निर्माणों की राजधानी बना मानसरोवर, जिम्मेदार बेपरवाह

- नगर-निगम ग्रेटर के मानसरोवर में खुलेआम हो रहे अवैध निर्माण, शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नहीं कर रहे कार्रवाई


जस्ट टुडे
जयपुर। कोरोना में भले ही सब कुछ बंद है, लेकिन निर्माणों पर प्रतिबंध नहीं होने से खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं। अवैध निर्माणों की राजधानी बन चुके मानसरोवर क्षेत्र में तो कोरोना की यह लहर अवैध निर्माण कर्ताओं के लिए खुशी की लहर बनकर आई है। नगर-निगम ग्रेटर के मानसरोवर क्षेत्र में इस समय अवैध निर्माणों की बाढ़ आई हुई है। आश्चर्यजनक बात यह है कि नगर-निगम के अधिकारियों को भी इनके बारे में पता है, फिर भी वे सिर्फ दौरा कर खानापूर्ति ही कर रहे हैं। ऐसे में अवैध निर्माण कर्ताओं की निगम अधिकारियों से मिलीभगत से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। युवा एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश बुलचंदानी ने मानसरोवर क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों की लिखित शिकायत नगरीय विकास मंत्री शान्ति धारीवाल, नगर-निगम ग्रेटर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह, निगम उपायुक्त आभा बेनीवाल सहित कई जिम्मेदारों को की है। इसके बाद भी अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। गुरुवार को भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति के चेयरमैन जितेन्द्र श्रीमाली ने भी मानसरोवर का दौरा किया। उन्होंने कई जगह धड़ल्ले से अवैध निर्माण होते देखे। जस्ट टुडे की पूरी रिपोर्ट...

अवैध निर्माणों की जांच के बाद नहीं हुई कार्रवाई

युवा एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश बुलचंदानी ने बताया कि मानसरोवर जोन नगर-निगम क्षेत्र में बेखौफ अवैध निर्माण जारी हैं। लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। कोरोना काल का फायदा उठाकर अवैध निर्माणों की बाढ़ आई हुई है। मैंने मानसरोवर जोन में अवैध निर्माणों की शिकायत की थी। इसमें मैंने 119/90, 119/474, 104/6-7-8, 112/18, 2/154, 72/68, 72/67, 69/410 आदि अवैध निर्माणों के बारे में लिखित शिकायत की थी। इस पर जेईएन कमलकान्त ने मौके पर जाकर देखा। उन्होंने इन्हें उस दौरान अवैध निर्माण माना, लेकिन, फिर भी निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। मैंने उनसे फोन पर बात की और उन्हें अवैध निर्माण कार्य जारी रहने की बात कही। इस पर उन्होंने टालमटोल की और कहा कि दोबारा से जांच करते हैं। जस्ट टुडे ने भी कई बार जेईएन कमलकान्त को फोन किया, लेकिन, उन्होंने रिसीव नहीं किया। बुलचंदानी ने बताया कि गे्रटर आयुक्त यज्ञमित्र सिंह भी मेरी शिकायत पर अधिकारियों को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कह चुके हैं। फिर भी इनकी ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

जवाब मांगते ये सवाल

- अब सवाल यह उठता है कि जब एक बार जांच हो गई तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? 

- क्या बार-बार जांच के नाम पर ही समय बर्बाद किया जाएगा? 

- यदि पहले की जांच में अवैध निर्माण पाए गए तो फिर उन्हें अभी तक बंद क्यों नहीं कराया गया। 

- यदि भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति के चेयरमैन को मानसरोवर में अवैध निर्माण दिखे हैं तो अभी तक अधिकारियों को क्यों नहीं दिखे? 

रुकवाए अवैध निर्माण, दिए नोटिस

मानसरोवर के मध्यम मार्ग पर करीब 10-12 जगहों पर अवैध निर्माण होते दिखे। कई जगह हमने अवैध निर्माण रोके और कई जगह नोटिस भी दिए हैं। मेरे साथ सतर्कता उपायुक्त भी थे। इस सम्बंध में हमें युवा एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश बुलचंदानी की भी शिकायत मिली है। मैंने उसे जांचने के लिए सतर्कता इंस्पेक्टर दयाराम को दे दी है। जांच रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- जितेन्द्र श्रीमाली, चेयरमैन, भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति, नगर-निगम ग्रेटर


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