वार्ड 89 की जनता ने लगाई कांग्रेस नेता से गुहार...गंदगी से मुक्ति दिलाओ सरकार

- वार्ड 89 स्थित दादाबाड़ी कच्ची बस्ती के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश

- नालों में भरी हुई है गंदगी...गंदा पानी सड़कों पर भरा...गंभीर बीमारियों का बना सबब

- स्थानीय लोगों ने कहा कि पार्षद सिर्फ एक ही बार आए...कचरा गाड़ी सात दिन में आती है एक बार 



जस्ट टुडे
जयपुर।
नालियों में वर्षों से भरी गंदगी, उनमें मुंह मारते आवारा पशु, जगह-जगह कूडे के ढेर कुछ ऐसी ही बदहाल स्थिति है सांगानेर जोन के वार्ड नम्बर 89 स्थित दादाबाड़ी कच्ची बस्ती की। गंदगी से पनपने वाले मच्छर-मक्खी तोहफे में यहां के वाशिन्दों को गंभीर बीमारियां दे रहे हैं। एक ओर जहां सरकार स्मार्ट सिटी बनाने पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। युवा एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश बुलचंदानी ने वार्ड में सफाई के लिए ग्रेटर नगर-निगम सौम्या गुर्जर, नगर-निगम आयुक्त, उपायुक्त सतर्कता और कांग्रेस नेता पुष्पेन्द्र भारद्वाज को पत्र लिखा है। इसमें स्थानीय लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने का आग्रह किया गया है। 

महापौर, विधायक और पार्षद एक ही पार्टी के...फिर भी नहीं विकास

युवा एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश बुलचंदानी ने शिकायती पत्र में लिखा है कि दादाबाड़ी कच्ची बस्ती में कई समय से नालों की सफाई नहीं हुई है। गंदा पानी कचरे के साथ नालों में भरा हुआ है। सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पर स्थानीय लोगों का जीवन नारकीय बना हुआ है। उन्होंने आग्रह किया है कि नालियों की सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए, क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत की जाए। उन्होंने लिखा है कि कई जगह नालों पर अतिक्रमण हो रखा है, इसकी वजह से भी कई जगह नाले अवरुद्ध हैं। नालों को अतिक्रमण करने का भी आग्रह पत्र में किया है। साथ ही कचरे की गाड़ी रोजाना दादाबाड़ी में आने की व्यवस्था कराई जाए। बुलचंदानी ने कहा कि शिकायती-पत्र के साथ इस सम्बंध में करीब 20 स्थानीय लोगों के भी हस्ताक्षर लिए हैं। जिस क्षेत्र में महापौर, विधायक और पार्षद एक ही पार्टी के हों, वहां पर भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं। गंदगी में रहने को विवश हैं। 

अभी तक सिर्फ एक बार ही आए पार्षद

दादाबाड़ी निवासी मोहम्मद सलीम ने बताया कि कई समय से नालों में गंदगी भरी हुई है। काफी समय से नालियां साफ नहीं हुई है। पानी के निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं है। कचरे की गाड़ी सप्ताह में एक ही दिन आती है। इससे मच्छर-मक्खी पैदा होकर गंभीर बीमारियों का सबब बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस बस्ती का कोई धणी-धोरी नहीं है, यह तो अनाथ है। उन्होंने बताया कि चुनाव जीतने के दौरान ही स्थानीय पार्षद आए थे। उसके बाद अभी तक पार्षद ने जनता की सुध नहीं ली है। 


कांग्रेस नेता ने समझी समस्या...निस्तारण के दिए निर्देश

वार्ड 89 निवासी रामबाबू कुमावत ने बताया कि दादाबाड़ी कच्ची बस्ती से उनके पास सूचना आई थी। वहां जाकर देखा तो स्थिति बहुत ही भयानक थी। उसके बाद मैंने पुष्पेन्द्र भारद्वाज को पूरी स्थिति के बारे में बताया। इस पर पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने तुरन्त निगम अधिकारियों को सफाई करने को कहा। इसके बाद सांगानेर निगम में तैनात एएसआई विक्रम वाल्किमी और रमेश मेरे साथ मौका मुआयना करने गए। उन्होंने एक-दो दिन में सफाई करने को कहा है। 

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