सांगानेर में दो रहेंगे व्यापार संगठन और दो ही अध्यक्ष

 - व्यापार महासंघ, सांगानेर के अध्यक्ष से जस्ट टुडे की खास बातचीत

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जस्ट टुडे
जयपुर।
सांगानेर बाजार के सभी व्यापारी चाहते हैं कि बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों के हित के कार्य हों। इससे व्यापार बढ़े और आमदनी में इजाफा हो। ऐसे में व्यापारी चाहता है कि सांगानेर बाजार में एक ही व्यापार महासंघ रहे, जिससे बाजार में राजनीति के बजाय व्यापारियों के विकास के कार्य हों। इस सम्बंध में जस्ट टुडे ने व्यापार महासंघ, सांगानेर के अध्यक्ष शिवराज सोनी से बात की। सोनी ने बताया कि चाहते तो हम भी हैं कि एक ही व्यापार महासंघ बने। लेकिन, कोई भी स्वयं को निष्क्रिय करना नहीं चाहेगा। ऐसे में सांगानेर में दो व्यापार महासंघ और दो ही अध्यक्ष रहेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापार महासंघ, सांगानेर के बैनर तले व्यापारियों की आईडी बनवाई जा रही है। आईडी बनते ही जल्द ही चुनाव के जरिए इसी वर्ष अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। 

सांगानेर के सभी व्यापारी यह चाह रहे हैं कि दो व्यापार महासंघ के बजाय एक ही व्यापार महासंघ बने। आप इससे कितना सहमत हैं? 

यदि दोनों व्यापार संगठन मिलकर व्यापारियों के हित के लिए एक हो जाएं तो इसमें कोई परेशानी नहीं है। मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। 

यदि दोनों व्यापार महासंघ मिलकर एक होते हैं तो फिर कौनसा संगठन अस्तित्व में रहेगा और कौनसा निष्क्रिय हो जाएगा? 

इसका फैसला हम सभी मिलकर करेंगे। आपसी सहमति से किसी भी निर्णय पर पहुंचा जा सकेगा। हालांकि, मेरा मानना है कि दो ही व्यापार महासंघ रहेंगे। कोई भी व्यापार महासंघ स्वयं को निष्क्रिय नहीं करना चाहेगा। क्योंकि, जहां दो पार्टियां होती हैं, वहां कोई भी पार्टी स्वयं को खत्म करना नहीं चाहेगी।

ऐसे में तो फिर व्यापार महासंघ दो ही रहेंगे। व्यापारी एक होने की बात कर रहे हैं, वह तो धरातल पर साकार होते फिलहाल नहीं दिख रहा है? 

इस दिशा में हमारी बातचीत चल रही है। प्रयास चल रहे हैं कि किसी फॉर्मूले पर सहमत होकर दोनों को समायोजित कर दिया जाए। 

दोनों व्यापार महासंघों को समायोजित करने का क्या फॉर्मूला होगा? 

इस बार व्यापार महासंघ, सांगानेर के चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के समय जो भी फॉर्मूला उचित लगेगा। वह अपनाया जाएगा। चुनाव से साफ-सुथरा चयन होना चाहिए। व्यापारियों की भी यही इच्छा है कि अध्यक्ष का चयन चुनाव के जरिए ही हो। 

व्यापार महासंघ, सांगानेर के चुनाव कब तक हो जाएंगे?

इसमें अभी समय लग रहा है। इसके लिए सबसे पहले प्रत्येक व्यापारी की रजिस्टर्ड आईडी बने। अभी सभी व्यापार में व्यस्त हैं। कुछ समय बाद सभी व्यापारियों की व्यापार महासंघ, सांगानेर की आईडी बनाई जाएगी। चूंकि, इस बार हमने व्यापार महासंघ का दायरा बढ़ा दिया है। इसमें टूटी पुलिया, मानसरोवर पुलिया, सांगा सेतु पुलिया, खटीकों की ढाल के व्यापारियों को भी शामिल किया जाएगा। ऐसे में चुनाव में समय लग सकता है। फिर भी वर्ष 2021 में हम चुनाव सम्पन्न करवा देंगे। 

आपके हिसाब से किसी भी व्यापार महासंघ का पहले संविधान बनना चाहिए या फिर चुनाव होने चाहिएं?

दोनों ही व्यापार महासंघ रजिस्टर्ड संस्था है। संविधान पहले से ही बना हुआ है। पेपर वर्क में पूरा संविधान लिखा हुआ है। संविधान के मुताबिक व्यापारी हित में कार्य होने चाहिए। व्यापार बढ़ाने पर कार्य होना चाहिए।

अभी तक सांगानेर में दो व्यापार महासंघ हैं। अभी तक यह होता आया है कि दोनों ही व्यापार महासंघ एक-दूसरे की टांग खिंचाई करते हैं? आगामी दिनों में इसमें क्या नया देखने को मिलेगा?

अभी भी हम दोनों में से कोई भी टांग खिंचाई नहीं कर रहा है। हम अपना कार्य कर रहे हैं, दूसरा व्यापार संगठन अपना कार्य कर रहा है। हम सभी चाहते हैं कि अपना निजी हित छोड़कर व्यापारी हित में ही कार्य करें। 

लॉकडाउन के समय व्यापार महासंघ, सांगानेर ने शाम 7 बजे दुकानें बंद करने का मैसेज चलाया था। इसके कुछ ही देर बाद सांगानेर व्यापार महासंघ ने राज्य सरकार के आदेश का हवाला देकर शाम 8 बजे तक दुकानें खोलने का मैसेज चलाया था? क्या आगे भी ऐसी ही टांग खिंचाई जारी रहेगी? 

आगामी दिनों में इस बात का भी सॉल्यूशन निकलेगा। भविष्य में क्या हो, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। व्यापार महासंघ, सांगानेर यही चाहता है कि व्यापारी हित में कार्य हो। लॉकडाउन में व्यापारी सभी तरह से त्रस्त हो चुका है। ऐसे में हम सभी यही चाहते हैं कि व्यापार बढ़े। ग्राहकों को सुविधा मिले, जिससे व्यापार बढ़े। 

अभी तक आरोप लगते रहे हैं कि व्यापार महासंघ, सांगानेर संगठन को चलाने के लिए जरूरत से ज्यादा पदाधिकारी बना देता है। आगामी चुनाव जब भी होंगे, उससे पहले क्या अधिकतम पदाधिकारियों की सीमा तय की जाएगी। या फिर अभी तक जो चल रहा है, वैसे ही चलेगा?

आगामी दिनों में अधिकतम पदाधिकारियों की सीमा तय की जाएगी। अभी चूंकि, बाजार का दायरा भी बढ़ा दिया है। ऐसे में कार्यकारिणी भी बड़ी बनानी पड़ेगी। चुनाव के बाद ही पूरी कार्यकारिणी के बारे में विस्तार से बता पाएंगे। हालांकि, आगामी दिनों में कई संशोधन किए जाएंगे। 

बाजार में हवा चल रही है कि व्यापार महासंघ, सांगानेर और सांगानेर व्यापार महासंघ मिलकर एक नया महासंघ बना रहे हैं। इसमें शंकर आंकड़ संरक्षक और शिवराज सोनी यानी आप अध्यक्ष बनेंगे। इस बात में कितनी सच्चाई है? 

व्यापारी तो कुछ भी सोच सकता है। मेरे पास तो ऐसी कोई खबर नहीं है। यदि दोनों व्यापार महासंघों के पदाधिकारी मिलकर ऐसा फैसला लें तो यह संभव भी हो सकता है। दोनों व्यापार महासंघ मीटिंग में जो सर्वसम्मति से फैसला करेंगे, वह ही माना जाएगा। 

आप कह रहे हैं कि व्यापार महासंघ तो दो ही रहेंगे। फिर अध्यक्ष एक कैसे रहेगा, अध्यक्ष भी तो फिर दो ही हो जाएंगे? फिर अभी जो व्यवस्था है, उससे आगामी दिनों में क्या भिन्नता होगी?

दो व्यापार महासंघ रहेंगे तो अध्यक्ष भी फिर दो ही रहेंगे। हम चाहते हैं कि यदि व्यापार महासंघ, सांगानेर के चुनाव होते हैं तो दूसरे व्यापार महासंघ को हक है कि वह अपना प्रत्याशी उसमें उतार सकता है। वहीं यदि सांगानेर व्यापार महासंघ के चुनाव होते हैं तो फिर हमें हक है कि हम भी अपना प्रत्याशी उतार सकते हैं। 

आप कह रहे हैं कि व्यापारिक संगठनों का दायरा बढ़ा दिया है। ऐसे में अनुमानित 5000 व्यापारिक प्रतिष्ठान हो जाएंगे। आप चुनाव में कितने फीसदी व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे? अभी तक होता यह आया है कि मान लीजिए सांगानेर में 1000 दुकानें थीं। इनमें से 100 लोग आपके संगठन से जुड़े हुए थे। इतने ही लोग दूसरे संगठन से जुड़े हुए थे। ऐेसे में मौटेतौर पर एक व्यापार संगठन से करीब 15-20 फीसदी ही व्यापारी जुड़ा हुआ था। ऐसे में आगामी दिनों में इतनी ही दुकानों का व्यापार महासंघ रहेगा या फिर उसका दायरा बढ़ाया जाएगा? 

आगामी दिनों में दुकानदारों का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस बार वोटिंग प्रतिशत भी ज्यादा रहेगा। वोटर लिस्ट में सभी दुकानदारों को शामिल किया जाएगा। उसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। 

मान लीजिए 5000 दुकानें हैं और आपके संगठन से सिर्फ 500 ही दुकानदार जुड़े। वे जिसे अध्यक्ष बना देंगे तो वह तो सिर्फ 500 दुकानों का ही अध्यक्ष रहेगा। 5000 दुकानों का अध्यक्ष वह कैसे माना जाएगा? 

हम सभी व्यापारियों की आईडी बनाएंगे। व्यापार महासंघ, सांगानेर सभी व्यापारियों की आईडी बना रहा है। 

मान लीजिए व्यापार महासंघ, सांगानेर की आईडी 5000 में से 1000 दुकानदारों ने ही बनवाई। फिर वोटिंग में हिस्सा भी 1000 व्यापारी ही लेंगे। क्या वह व्यापार महासंघ सिर्फ 1000 दुकानों का ही रहेगा? 

यदि हमारे संगठन से 1000 व्यापारी ही जुड़ते हैं तो फिर चुनाव भी 1000 में ही कराया जाएगा। नियमानुसार किसी संस्था के यदि 100 मेम्बर हैं तो वह चुनाव करवा सकता है। वोटिंग में भले ही 1000 व्यापारी हिस्सा लें, लेकिन व्यापार महासंघ 5000 दुकानों का ही माना जाएगा। उम्मीद है कि आगामी दिनों में करीब 80 फीसदी वोटिंग होगी। 

आप सभी व्यापारियों की व्यापार महासंघ, सांगानेर की आईडी बनवा रहे हैं। वैसे ही दूसरा संगठन भी तो व्यापारियों की अपने संगठन के बैनर तले आईडी बनवा सकता है? ऐसे में तो फिर बाजार में दो ही गुट हावी रहेंगे? 

हमारी भी रजिस्टर्ड संस्था है। दूसरा संगठन भी रजिस्टर्ड है। दोनों को ही व्यापारियों की आईडी बनाने का हक है। आईडी बनने से बाजार में दो गुट नहीं बनेंगे। 

मान लिया जाए 5000 दुकानदारों में से 1000 दुकानदारों ने व्यापार महासंघ, सांगानेर की आईडी बनवाई। वहीं इतने ही व्यापारियों ने दूसरे व्यापार संगठन की आईडी बनवा ली। ऐसे में नया क्या रहा, बाजार में अभी भी तो यही व्यवस्था चल रही है? 

आईडी बनने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वोटिंग के दौरान जिसे ज्यादा मत मिलेंगे, उसे ही विजयी माना जाएगा।

जैसे भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने सदस्य बनाती हैं, ठीक वैसे ही आप भी व्यापार महासंघ, सांगानेर की आईडी के जरिए व्यापारियों को अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं से जोड़ रहे हो? आईडी व्यापारी की बनानी चाहिए। यदि किसी संगठन की आईडी बनेगी तो फिर उस व्यापारी को उसी संगठन का समर्थित माना जाएगा?  ऐसे में तो दो ही व्यापार महासंघ रहेंगे?

व्यापारियों की आईडी बनाने का मतलब किसी व्यापारी संगठन की सदस्यता से नहीं है। आईडी तो चुनाव के लिए बनाई जा रही है। हालांकि, अप्रत्यक्ष रूप से उसे हमारे संगठन से जुड़ा हुआ और समर्थित माना जाएगा ही। पहले पूरे बाजार की वोटर लिस्ट बनाई जाए। उसके बाद मिलकर तय किया जाए कि चुनाव किस तरह से कराएं जाएं। दोनों को समायोजित करके चुनाव हों या फिर किसी अन्य तरीके से। संभव है, एक ही संगठन पर दोनों संगठनों के प्रत्याशी चुनाव में खड़े हो जाएं। 

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