अतिक्रमण की मिटे खाज तो सांगानेर में आदर्श बाजार का हो काज

- अतिक्रमी व्यापारियों की वजह से सांगानेर बाजार अभी तक नहीं बन पाया आदर्श बाजार 

- व्यापारी खुद ही अपना अतिक्रमण हटा लें तो स्वत: ही बन जाएगा आदर्श बाजार

- अतिक्रमण करने वालों में व्यापार महासंघ, सांगानेर के पदाधिकारी भी शामिल

जस्ट टुडे
जयपुर।
रंगाई-छपाई के लिए विश्व विख्यात सांगानेर का मुख्य बाजार अभी तक आदर्श बाजार का दर्जा हासिल नहीं कर पाया है। इसके लिए यहां के व्यापारी स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने सांगानेर बाजार में जगह-जगह अतिक्रमण कर रखा है। यह अतिक्रमण सांगानेर बाजार को आदर्श बाजार बनाने में सबसे बड़ा रोडा बना हुआ है। सांगानेर में कहने को तो दो व्यापार महासंघ हैं। लेकिन, किसी ने भी अतिक्रमण के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की है। आश्चर्य की बात तो यह है कि व्यापार महासंघ, सांगानेर के कई पदाधिकारियों ने तो खुद ही अतिक्रमण कर रखा है। इन पदाधिकारियों ने दुकान के आगे भी दुकान लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। इसके अलावा इन पदाधिकारियों सहित कई व्यापारियों ने नाले को पाटकर उस पर ही अतिक्रमण कर रखा है। इन्हीं वजह से सांगानेर का मुख्य बाजार 'योग्य' होते हुए भी अभी तक आदर्श बाजार नहीं बन पाया है। 

किसी ने भी नहीं उठाए सार्थक कदम

सांगानेर मुख्य बाजार में दुकानों के बाहर अतिक्रमण होने से ग्राहकों को मजबूरन सड़क पर गाड़ी पार्क करनी पड़ती है। इससे सड़क की चौड़ाई घट जाती है और पैदल यात्रियों को भी परेशानी होती है। - फाइल फोटो



सांगानेर मुख्य बाजार को आदर्श बाजार बनाने की चर्चाएं काफी समय से चली आ रही हैं। लेकिन, इस दिशा में अभी तक किसी भी व्यापार महासंघ ने कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। कई बार पुलिस-प्रशासन और निगम की टीम को बुलाकर दिखावे की कार्रवाई जरूर हो चुकी है। लेकिन, कुछ ही घण्टों बाद हालात जस के तस हो जाते हैं। दुकानदार अपनी दुकानों के आगे 10 फीट तक सामान लगा लेते हैं। इससे ग्राहकों को अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती है। ऐसे में मजबूरन ग्राहकों को सड़क पर गाड़ी पार्क करनी पड़ती है। इससे बाजार में जाम के हालात बने रहते हैं। साप्ताहिक अवकाश या किसी अन्य अवकाश पर बाजार में दिनभर जाम के हालात रहते हैं। ऐसे में बाजार में पैदल चलना भी एवरेस्ट पर चढऩे जैसा लगता है। 

व्यापार पर पड़ रहा विपरीत असर

सांगानेर मुख्य बाजार में बेतरतीब लगीं गाडिय़ां। - फाइल फोटो

सांगानेर बाजार में व्यापारियों की कारस्तानी के चलते उपजे अतिक्रमण से ना तो पार्किंग की उचित जगह है और ना ही आराम से चलने के लिए सड़क पर जगह। ऐसे में धीरे-धीरे लोगों का सांगानेर बाजार से मोहभंग हो रहा है। नतीजतन ग्राहकी पर विपरीत असर पड़ रहा है। कोरोना के बाद सांगानेर में कम ग्राहकी के चलते करीब 50-60 दुकानें खाली हुईं थीं। इसके बाद भी व्यापारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। निगम प्रशासन और व्यापार महासंघों को अतिक्रमी व्यापारियों और पदाधिकारियों पर तुरन्त कार्रवाई करनी चाहिए। 

वाह ! रे कमाल...नाली को पाट बढ़ा दी दुकान

मुख्य बाजार सहित समूचे सांगानेर में बरसाती पानी और गंदे पानी के निकास के लिए सड़क के दोनों तरफ नाली बनी हुई है। यानी फुटपाथ के नीचे नाली बनी हुई है। यह नाली सांगा बाबा सर्किल से मुख्य बाजार जाने वाली सड़क के दोनों ओर भी बनी हुई है। लेकिन, दोनों ही तरफ व्यापारियों ने इस नाली को पाट दिया है और अवैध कब्जा कर लिया है। इस नाली को पाटकर अपनी दुकानों को तय सीमा से अवैध रूप से बाहर निकाल लिया है। नाली को पाटकर अतिक्रमण करने वालों में व्यापार महासंघ, सांगानेर के पदाधिकारी सहित कई नामचीन व्यापारी शामिल हैं। इनकी कारस्तानी की सजा बारिश के दिनों में पूरे सांगानेर को भुगतनी पड़ती है। बारिश के दिनों में सांगानेर में पानी सड़कों पर बहता है। नाली पर अतिक्रमण होने से गंदा पानी भी बारिश के पानी में मिल जाता है। ऐसे में राहगीरों को वहां से निकलना दूभर होता है। साथ ही सड़क पर गंदा पानी भरा होने से उसमें बदबू भी आती है। उस पानी से मच्छर भी पैदा होते हैं, जो जानलेवा बीमारियों का सबब बनते हैं। व्यापार महासंघ, सांगानेर और सांगानेर व्यापार महासंघ को मिसाल कायम करते हुए ऐसे अतिक्रमी पदाधिकारियों और व्यापारियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही नगर-निगम प्रशासन के जरिए नाली को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए। यदि नाली अतिक्रमण मुक्त हो जाए और दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हट जाए तो फिर सांगानेर खुद ही आदर्श बाजार विकसित हो जाएगा। 

पदाधिकारियों से आग्रह...हटाएं अतिक्रमण

सांगानेर बाजार को आदर्श बाजार बनाने में सबसे बड़ा रोडा अतिक्रमण बना हुआ है। यदि व्यापारी स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा लें तो सांगानेर आदर्श बाजार स्वत: ही बन जाएगा। हम चाहते हैं कि अतिक्रमण हटें, आमजन को सुविधा मिले। गाडिय़ों को पार्क करने की जगह मिले। जब तक व्यापारी अपनी सोच को नहीं बदलेगा। सामान को दुकान के अंदर नहीं रखेगा, तब तक सांगानेर आदर्श बाजार नहीं बन सकता। मैं व्यापार महासंघ, सांगानेर के पदाधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे अतिक्रमण हटाकर मिसाल पेश करें। वे अपने सामान को दुकान सीमा में ही रखें। वे दुकान के बाहर लगी अवैध दुकान को हटाएं। यदि वे ऐसा करेंगे तो दूसरे व्यापारियों में भी अच्छा संदेश जाएगा और वे भी अतिक्रमण हटाएंगे। यदि सांगानेर के व्यापारी अतिक्रमण हटा लेंगे तो आदर्श बाजार बनने में देर नहीं लगेगी। - शिवराज सोनी, अध्यक्ष, व्यापार महासंघ, सांगानेर

पदाधिकारी अतिक्रमण हटाकर पेश करें नजीर

सांगानेर कस्बे की दशा और दिशा सुधारने के लिए ही व्यापार महासंघ, सांगानेर का गठन किया गया था। व्यापार महासंघ, सांगानेर के जिन पदाधिकारियों ने अपनी दुकान के आगे अतिक्रमण कर रखा है, वे स्वयं अतिक्रमण हटाएं। इसके बाद अन्य व्यापारियों से भी समझाइश कर अतिक्रमण हटाने की कवायद होनी चाहिए। यदि हमें सांगानेर बाजार को आदर्श बाजार बनाना है तो सबसे पहले अपनी मानसिकता को मजबूत करना होगा। हमारे पदाधिकारी मजबूत हों और अपना अतिक्रमण हटाकर दूसरे व्यापारियों के लिए नजीर पेश करें। यदि पदाधिकारी ऐसा करेंगे तो दूसरे व्यापारी भी अपना अतिक्रमण हटाएंगे। इसमें नगर-निगम का भी सहयोग ले सकते हैं। लेकिन, सबसे पहले सभी को मानसिकता मजबूत करनी होगी। तभी हम सांगानेर बाजार को आदर्श बाजार बना पाएंगे। यदि हम स्वयं अतिक्रमण करें और दूसरों से अतिक्रमण हटाने को कहें तो यह हमेशा अनुचित ही है।
- ओमप्रकाश शर्मा, महामंत्री, व्यापार महासंघ, सांगानेर

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