सांगानेर में नगर-निगम है या नरक निगम

- नगर-निगम अफसरों की उदासीनता के चलते सांगानेर बाजार में नहीं हुई नालों की सफाई


- थोड़ी सी बारिश में दरिया बन जाती हैं अनाज मण्डी से मालपुरा गेट की सड़क, व्यापार चौपट


जस्ट टुडे
जयपुर। विश्व विख्यात सांगानेर के वाशिंदे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अफसरों की लापरवाही के चलते नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। थोड़ी सी बारिश आते ही मालपुरा गेट की सड़क दरिया का रूप अख्यितार कर लेती हैं। सड़कों को डुबाने के बाद बारिश का पानी दुकानों में भी घुस जाता है, जिससे ना केवल दुकान में रखा सामान खराब होता है बल्कि ग्राहकी भी प्रभावित होती है। इस दौरान यहां से आवागमन भी बंद हो जाता है। स्थानीय व्यपारियों ने बताया कि बारिश के दौरान कई बार हादसे भी हो चुके हैं। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि बारिश के दौरान हर साल यही दिक्कत आती है। इस सम्बंध में सांगानेर नगर निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन, वे नालों को साफ नहीं कराते हैं। अधिकारी हर बार कम कर्मचारियों का  रोना रोते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान हर साल व्यापारियों को इस मुसीबत से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में यदि सांगानेर नगर-निगम को यदि नरक-निगम कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।


फिर भी अफसरों को नहीं दिख रही समस्या



सांगानेर मुख्य बाजार का ही यह हाल है तो फिर आप कॉलोनियों के हालातों का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं। आश्चर्यजनक यह है कि मालपुरा गेट के पास ही नगर-निगम का ऑफिस है। अधिकारियों का इस सड़क से रोजाना आना-जाना है, फिर भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शायद अधिकारियों ने भी एक कान से सुनने और दूसरे से निकालने की आदत डाल ली है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि नगर-निगम में कई बार अधिकारियों को लिखित में भी नाला सफाई नहीं होने और बारिश के दौरान पानी भरने की शिकायत दे चुके हैं, लेकिन, शिकायत कभी फाइल से बाहर नहीं निकली है। 


निगम अधिकारियों की नहीं टूट रही कुम्भकर्णी नींद



सांगानेर में सोमवार को थोड़ी देर के लिए इन्द्रदेव मेहरबान क्या हुए...व्यापारियों पर आफत आ गई। सड़क पूरी पानी में डूब गईं और नाले की सफाई नहीं होने से पानी के साथ कचरा दुकानों में घुस गया। स्थानीय व्यापारी मुकेश खण्डेलवाल और अशोक ताम्बी का कहना है कि बारिश से सड़कें लबालब हो गईं, सड़क से पानी दुकानों में घुसने लगा, ऐसे में दुकानों को बंद करना पड़ा। इससे व्यापारियों की ग्राहकी प्रभावित हुई। वहीं कई दुकानदारों का कहना है कि अनाज मण्डी से लेकर मालपुरा गेट तक दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों का लाखों का माल खराब हो गया। इसके बाद भी नगर-निगम के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। 


नहीं है पानी निकासी का प्रबंध



सांगानेर में अनाज मण्डी रोड से मालपुरा गेट तक पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है। ऐसे में बारिश के दौरान यहां की सड़कें दरिया बन जाती है। इससे व्यापार चौपट होने से कोरोना में व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ रही है। नगर-निगम को कई बार लिखित में इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, फिर भी इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
- त्रिलोक चौधरी, संरक्षक, व्यापार महासंघ, सांगानेर

थोड़ी सी बारिश और व्यापार चौपट



सांगानेर में थोड़ी सी बारिश होते ही अनाज मण्डी से मालपुरा गेट मार्ग पर आवागमन बंद हो जाता है। नगर-निगम की ओर से बारिश से पहले नाला सफाई नहीं करवाई गई। ऐसे में बारिश से सड़कों पर पानी का सैलाब आ जाता है। इससे ग्राहकी प्रभावित होती है। नगर-निगम का ऑफिस इसी रोड पर है, फिर भी अधिकारियों को यह समस्या नजर नहीं आ रही है।
- शिवराज सोनी, अध्यक्ष, व्यापार महासंघ, सांगानेर


Popular posts from this blog

सांगानेर सिंधी पंचायत और सिंधी ब्रह्म खत्री ने त्रिलोक महाराज को हटाया

व्यापार महासंघ, सांगानेर के पूर्व पदाधिकारियों की मीटिंग से जन्मा नया विवाद, एक पदाधिकारी ने चुनाव पर सहमति होना बताया तो दूसरों ने किया इससे इनकार

सांगानेर बाजार में पटाखे की चिंगारी कहर बनकर टूटी