पहले पेट भरा, अब तन ढंकने को समर्पित 'समर्पण संस्था'

- समर्पण वस्त्र बैंक ने शुरू किया वस्त्र संग्रहण और वितरण का महाअभियान


- 10 से 30 सितम्बर तक दानदाता वस्त्र बैंक में जमा करा सकते हैं नए-पुराने कपड़े

जस्ट टुडे
जयपुर। मानवता और परोपकार के लिए समर्पित समर्पण संस्था की ओर से स्थापित समर्पण वस्त्र बैंक ने एक टैगलाइन आइए! इस कोरोनाकाल में एक कदम बढ़ाएं...परमार्थ की ओर...जारी कर 10 से 30 सितम्बर तक वस्त्र संग्रहण व वितरण का महाअभियान शुरू किया है ।



इस महा अभियान के तहत 10 सितम्बर से 20 सितम्बर तक वस्त्र बैंक में दानदाताओं से नए व पुराने कपड़े जमा किए जाएंगे। कोरोना महामारी को देखते हुए दानदाताओं से अतिरिक्त पुराने कपड़े धोकर प्रेस करके एक पारदर्शी पन्नी में पैक कर उस पर साइज व उम्र लिखकर जमा करवाने की अपील की गई है। साथ ही रेडीमेड गारमेंट दुकानदारों से भी अपील की गई है कि जो कपड़े उनके पास वर्षों से बिक्री नहीं हो रहे हैं, उन कपड़ों को वस्त्र बैंक में दान करें। इस अभियान में दानदाता नए कपड़े व चप्पल भी दान कर सकते हैं। वस्त्र संग्रहण व वितरण ए-वन आर्किटेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रधान कार्यालय स्थित बेसमेंट हॉल, 18 बी, श्री कल्याण नगर करतारपुरा में प्रात: 10 से सांय 7 बजे तक किया जाएगा।


ईश्वर को धन्यवाद देने का अवसर



समर्पण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने संदेश दिया है कि कृपा प्राप्त सम्पन्न्न लोग यदि ईश्वर का धन्यवाद करना चाहते हैं तो उसका सबसे अच्छा तरीका है कि जो मिला है उसका कुछ अंश जरूरतमंदों के साथ बांटे। यह महा अभियान ईश्वर को धन्यवाद देने का एक अवसर है। 


फिर होगा वस्त्र वितरण


वस्त्र संग्रहण के बाद 20 से 30 सितंबर तक बेसमेंट हॉल में डिस्प्ले लगाकर जरूरतमंदों को उनकी साइज के अनुसार वितरित किए जाएंगे। समाजसेवी व्यक्तियों व संस्थाओं से अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जरूरतमंदों की साइज व उम्र के साथ एक सूची तैयार करके वस्त्र बैंक से कपड़े जारी करवाकर बांटने की सेवा करें।


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