सांगानेर तहसील में फर्जी महिला तहसीलदार दबोची

- नायब तहसीलदार की समझदारी से पकड़ में आई महिला

- कई बार आ चुकी थी सांगानेर तहसील, कर्मचारियों पर झाड़ती थी रौब

- फर्जी महिला तहसीलदार के साथ सांगानेर तहसील की मिलीभगत की आशंका

- जमवारामगढ़ की है मूल रूप से महिला, अभी मालवीय नगर में रह रही थी


जस्ट टुडे
जयपुर। आप सभी ने हिन्दी फिल्म 'स्पेशल 26' तो देखी होगी। इस फिल्म में नकली सीबीआई की टीम अमीरों के रेड डालती है। नकली सीबीआई की यह लुटेरी टीम उनके माल को साफ कर जाती थी। कुछ ऐसा ही मामला सोमवार को सांगानेर तहसील में भी सामने आया है। यहां पर फर्जी महिला तहसीलदार को पकड़ा गया है। इस महिला को मालपुरा गेट थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। 


यह है मामला



जानकारी के मुताबिक सांगानेर तहसील में सोमवार को सुनीता कुमारी मीणा को पकड़ा गया है। यह महिला सोमवार को अपने एक साथी के साथ सांगानेर तहसील में आई। वहां उसने स्वयं को तहसीलदार जेडीए बताया और अधोहस्ताक्षरकर्ता के पास टीलावाला गांव की कुछ जमीनों की जानकारी मांगी। सुनीता मीणा ने बताया कि वह जेडीए में तहसीलदार पद पर कार्यरत है। यह महिला मूलत: जमवारामगढ़ तहसील के बरवा गांव की निवासी है। यह फिलहाल जयपुर में मालवीय नगर स्थित जीएसआई कॉलोनी में रह रही थी। 

ऐसे आई पकड़ में


सांगानेर तहसील में नायब तहसीलदार नीरू सिंह ने इनसे विभागीय जानकारी मांगी। इस पर इन्होंने कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इस दौरान इसके साथ आया व्यक्ति चुपचाप खिसक लिया। इस पर नायब तहसीलदार नीरू सिंह को इस पर शक हुआ। नायब तहसीदार ने इस महिला को बातों में उलझाकर चुपचाप मालपुरा गेट थाना को सूचित कर दिया। वहां से अन्य स्टाफ के साथ महिला सिपाही भी आई। इस फर्जी तहसीलदार सुनीता मीणा को महिला सिपाही जाब्ते के साथ थाने ले गई। 


कई बार आ चुकी थी तहसील, कर्मचारियों पर झाड़ती थी रौब


सांगानेर तहसील में कार्यरत कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर जस्ट टुडे को बताया कि यह महिला कई बार तहसील में आ चुकी है। यह कई नकल और कागजात भी ले जा चुकी है। यह कर्मचारियों पर जेडीए में तहसीलदार होने का रौब भी झाड़ती थी। सोमवार को इसके पास 3 लाख रुपए नकद और 5 लाख का खाली चेक भी बरामद हुआ है। 


तहसील में महिला का रहनुमा संभव


यह महिला कई बार तहसील में फर्जी जेडीए तहसीलदार बनकर आ चुकी है और रौब झाड़कर कई कागज भी ले जा चुकी है। इसके बाद भी फर्जी महिला तहसीलदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि सांगानेर तहसील में इस महिला का कोई रहनुमा था, जिसकी शह पर वह कर्मचारियों पर रौब झाड़कर अपना काम कराती थी। सोमवार को नायब तहसीलदार की समझदारी की वजह से यह फर्जी महिला तहसीलदार पकड़ में आ गई। 


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