सांगानेर सब्जी मण्डी हो शिफ्ट तो मिले सैटेलाइट गिफ्ट

जस्ट टुडे की खास रिपोर्ट


- सांगानेर सीएचसी के पास सब्जी मंडी से कोरोना संक्रमण फैलने की ज्यादा आशंका

- महामारी से बचाव के लिए सब्जी मंडी का दूसरी जगह जाना बेहतर उपाय

- सैटेलाइट अस्पताल के लिए मिलेगी पर्याप्त जमीन, जयपुरिया और एसएमएस का कम होगा भार


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जस्ट टुडे
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सांगानेर में कॉलेज और सैटेलाइट अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। इन दोनों राहतों का इंतजार सांगानेरवासियों को वर्षों से था। कई सरकार आईं और गईं, लेकिन ये आस पूरी नहीं हो पाई। हालांकि, लॉकडाउन से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसी शैक्षिक सत्र से सांगानेर में कॉलेज शुरू करने के निर्देश दे दिए थे। ऐसे में अब सैटेलाइट अस्पताल का सपना पूरा होना अभी बाकी है। सांगानेर में अभी सीएचसी है। सांगानेर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग यहीं पर इलाज कराने आते हैं। वहीं कोरोना महामारी में जब सांगानेर में पॉजिटिव लोगों की बाढ़ सी आ गई थी, तब भी इस सीएचसी ने अहम भूमिका निभाई थी। यदि यहां पर सैटेलाइट अस्पताल बन जाए तो लोगों को ना केवल बेहतर इलाज मिलेगा बल्कि सांगानेर की पहचान में एक नगीना और जुड़ जाएगा। कोरोना महामारी का खतरा अभी टला नहीं है, ऐसे में सांगानेर वासी अब जल्द ही सैटेलाइट अस्पताल बनाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। जस्ट टुडे ने जाना सैटेलाइट अस्पताल बनने की राह में क्या है अड़चन और कैसे राह को बना सकते हैं सुगम। 


सब्जी मंडी से बढ़ा महामारी का खतरा



सांगानेर निवासी समाजसेवी पुरुषोत्तम नागर का कहना है कि कोरोना महामारी ने सब कुछ बदलकर रख दिया है। सरकार ने लॉकडाउन भले ही खोल दिया हो, लेकिन महामारी का खतरा अब बढ़ गया है। ऐसे में सांगानेर सीएचसी को अब सैटेलाइट अस्पताल में तब्दील कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांगानेर सब्जी मंडी को सीएचसी के पास से हटाया जाए। यहां पर विक्रेता सब्जी को सड़क पर फैला लेते हैं और पास-पास में बैठते हैं। ग्राहकों को भी निकलने की जगह नहीं मिलती है, ऐसे में सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कराना लगभग नामुमकिन है। ऐसा होने से जाने-अनजाने में कितने ही लोग कोरोना महामारी की चपेट में आएंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। थोड़ी सी चूक मानव जीवन को खतरे में डाल सकती है। सीएचसी पास में होने से उन लोगों से खतरा अन्य मरीजों को भी होगा। सब्जी मंडी होने से मरीजों और एम्बुलेंस को आने-जाने में समस्या होती है। सब्जी मंडी हटने से काफी जगह मिलेगी, ऐसे में सैटेलाइट अस्पताल बनाने की राह आसान होगी। 


घनी आबादी में सब्जी मंडी, मानव जीवन पर खतरा



प्रतीकात्मक फोटो


सांगानेर में पिछले महीने 80 व्यापारियों के रैण्डम सैम्पलिंग की गई थी। इनमें पांच लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पांचों लोग फल-सब्जी विक्रेता थे। मुहाना मंडी में भी कई फल-सब्जी विक्रेता पॉजिटिव मिल चुके हैैं। सांगानेर के फल-सब्जी विक्रेता मुहाना से ही खरीददारी करते हैं, ऐसे में इन सुपर स्प्रेडर्स से कितना गंभीर खतरा है, यह सोचते ही माथे पर चिंता की लकीरें उभर जाती हैं। चूंकि, सांगानेर सब्जी मंडी घनी आबादी के बीचों-बीच है, ऐसे में इससे यहां पर महामारी फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। मानव जीवन पर खतरे के मद्देनजर भी इसे यहां से हटाया जाना चाहिए।


ऐसा होने से राह होगी सुगम


पुरुषोत्तम नागर ने बताया कि सब्जी मंडी को डिग्गी रोड स्थित टूटी पुलिया के आस-पास कहीं शिफ्ट कर देना चाहिए। वहीं तहसील और पोस्ट ऑफिस को कोर्ट वाली जगह पर स्थानान्तरित किया जाए। चूंकि, सांगानेर अब शहरी क्षेत्र में आ गया है, ऐसे में अब यहां पंचायत समिति की जरूरत नहीं है। इसे भी यहां से वाटिका या फिर बगरू शिफ्ट कर देना चाहिए। इससे सैटेलाइट अस्पताल के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो जाएगी।


सांगानेर में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर


सांगानेर कस्बा आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा है। यहां का बाजार भी सबसे बड़ा है और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तहसील, पंचायत समिति कार्यालय होने से दिनभर यहां लोगों का आना-जाना रहता है। मरीज भी सीएचसी में दिखाने आते हैं, आंकड़ों की मानें तो यहां रोजाना 1000 मरीजों का आउटडोर रहता है। हालांकि, लॉकडाउन में यह संख्या फिलहाल कम है। सीएचसी में पर्याप्त जगह नहीं होने से गंभीर मरीजों को मजबूरीवश जयपुरिया या फिर एसएमएस अस्पताल भेजा जाता है। यदि सब्जी मंडी, तहसील, पंचायत समिति और पोस्ट ऑफिस कार्यालय यहां से दूसरी जगह शिफ्ट हो जाएं तो काफी जमीन खाली हो जाएगी। फिर सैटेलाइट अस्पताल, मरीजों के वाहन और एम्बुलेंस को पर्याप्त जगह मिल जाएगी। सैटेलाइट अस्पताल बनने से जयपुरिया और एसएमएस अस्पताल का भार भी कम होगा। वहीं सांगानेर में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


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