सांगानेर में उचित मूल्य की दुकानों पर व्यवस्था नहीं उचित

जस्ट टुडे की लाइव कवरेज


- त्रिपोलिया हनुमान मंदिर और शिकारपुरा रोड स्थित राशन दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रहीं धज्जियां, ज्यादातर लोगों ने नहीं लगा रखा था मास्क


- राशन के चक्कर में कहीं कोरोना तो नहीं ले जा रहे लोग, जिम्मेदार कौन


जस्ट टुडे
जयपुर। कोरोना महामारी में प्रवासी और जरूरतमंदों को आर्थिक सम्बल देने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार की ओर से प्रति व्यक्ति 10 किलो गेहूं और 2 किलो चना उचित मूल्य की दुकानों के जरिए दिया जा रहा है। सांगानेर में भी त्रिपोलिया हनुमान मंदिर के पास और शिकारपुरा रोड स्थित राशन दुकानों पर गेहूं और दाल का वितरण बुधवार से किया गया। स्थानीय लोगों की शिकायत आ रही थी कि उनके पास जरूरी दस्तावेज होने के बाद भी उन्हें राशन सामग्री नहीं दी जा रही है। राशन डीलर गेहूं और चना नहीं आने की बात कह रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से सामग्री भिजवा दी गई है। स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए जस्ट टुडे ने मौके पर जाकर मामले की सच्चाई जानी। जस्ट टुडे ने जैसा मौके पर देखा, वैसा पूरा हाल पढि़ए।

राशन डीलर और कर्मचारियों ने नहीं लगा रखे थे मास्क


त्रिपोलिया हनुमान मन्दिर के पास दुकान पर ना राशन डीलर ने मास्क लगा रखा है और ना ही कर्मचारियों ने।

त्रिपोलिया हनुमान मंदिर के पास स्थित उचित मूल्य की दुकान पर व्यवस्थाएं बिलकुल भी उचित नहीं थी। ना तो राशन
डीलर और उसके कर्मचारियों ने मास्क लगा रखे थे और ना ही राशन लेने आए लोगों ने। लोग भी पास-पास सटकर बैठे हुए थे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बिलकुल भी नहीं हो रहा था। जस्ट टुडे ने राशन डीलर मोहनलाल सैनी से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि लोगों को कई बार कह चुके हैं, मानते ही नहीं है। पुलिस को भी कई बार बुलवा चुके हैं, फिर भी ये नहीं मानते हैं। वहीं स्वयं के और कर्मचारियों के मुंह पर मास्क नहीं होने के सवाल पर वे बगलें झांकने लगे। उन्होंने तर्क दिया कि लोगों को समझाने और बताने के लिए मुंह से हटाना पड़ता है।



लोग प्रक्रिया को नहीं पा रहे समझ



त्रिपोलिया हनुमान मंदिर के पास सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अवहेलना करते लोग।

जस्ट टुडे ने राशन डीलर से पूछा कि लोगों को राशन मिलने में परेशानी किस वजह से हो रही है? इस पर उन्होंने बताया कि लोग तीन-चार दिन से गेहूं और चना लेने उनके पास आ रहे हैं, जबकि सामग्री मंगलवार को ही आई है। ऐसे में बुधवार से राशन वितरण शुरू कर दिया है। लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि जब सामग्री ही नहीं आएगी तो बांटेंगे कैसे? उन्होंने कहा कि कई लोग ई-मित्र पर रजिस्ट्रेशन कराकर ही नहीं ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सुबह जनआधार कार्ड जमा कर लेते हैं और उस दिन उन लोगों को ही राशन वितरण करते हैं। जिन लोगों ने जनआधार कार्ड हमारे पास जमा नहीं कराया होता है, वे भी बिना पूछे लाइन में लग जाते हैं। चूंकि, भीड़ ज्यादा होने से उनका नम्बर आते-आते वितरण का समय समाप्त हो जाता है। ऐसे में उन्हें अगले दिन आने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ नहीं की जा रही है, लोग प्रक्रिया को ढंग से समझ नहीं पा रहे हैं।


शिकारपुरा रोड स्थित राशन दुकान की लगी हुई थी शटर


शिकारपुरा रोड स्थित राशन की दुकान पर लगा शटर और गेहूं आने पर ही वितरण होने की चस्पा सूचना।

सांगानेर में शिकारपुरा रोड स्थित राशन दुकान पर जस्ट टुडे पहुंचा। वहां जाकर देखा तो दुकान की शटर लगी हुई थी। दुकान पर हाथ से लिखा पर्चा चस्पा किया हुआ था। उस पर लिखा हुआ था कि जन-धन से जुड़े परिवारों का लिस्ट में नाम आने के बाद गेहूं मिलेगा। गेहूं अभी नहीं आया है, आने पर ही वितरण किया जाएगा। जस्ट टुडे ने राशन डीलर रामसिंह राणावत को मौके से फोन मिलाया, लेकिन रिसीव नहीं किया गया। 


उमड़ी हुई थी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं


शिकारपुरा रोड स्थित राशन दुकान अब इसी रोड पर करीब एक किमी. आगे श्याम वाटिका के पास शिफ्ट हो गई है। इस दुकान पर राशन लेने वाले लोग ना तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं और ना ही डीलर उन्हें समझा रहा था।


शिकारपुरा रोड पर श्याम वाटिका के पास स्थित राशन दुकान के अंदर तक ही लोग घुस गए, डीलर ने भी उनको समझाना उचित नहीं समझा।

इसके बाद जस्ट टुडे ने आस-पास पूछताछ की। इस पर पता चला कि राशन दुकान शिकारपुरा रोड पर ही एक किमी. दूर शिफ्ट कर दी है। पता मालूम करने के बाद जस्ट टुडे वहां पहुंचा। वहां जाकर देखा तो दुकान पर भीड़ उमड़ी हुई थी। किसी ने मास्क लगा रखा था और किसी ने नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह धज्जियां उड़ रही थीं। कर्मचारियों ने मास्क तो लगा रखे थे, लेकिन, नीचे किए हुए थे। 


जस्ट टुडे ने राशन डीलर संचालक रामसिंह राणावत से पूछा कि आपने दुकान बदल ली, लेकिन, पुरानी दुकान पर नए पते की सूचना नहीं थी, ऐसे में लोगों को कैसे मालूम चलेगा? 

इस पर उसने बताया कि उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद बुधवार को ही दुकान शिफ्ट की है। उसने बताया कि पुरानी दुकान पर दुकान शिफ्ट और नए पते की सूचना चस्पा तो की थी, लेकिन, किसी ने हटा दी होगी। 


जस्ट टुडे ने पूछा कि आपने पुरानी दुकान पर तो गेहूं नहीं आने और आने पर ही वितरण होने की जो सूचना चस्पा कर रखी है, उसको तो किसी ने नहीं फाड़ा?


इस पर उसने बताया कि वह सूचना दो दिन पुरानी है, मंगलवार को राशन सामग्री आ गई थी और बुधवार से वितरण शुरू कर दिया है। साथ ही बताया कि पुरानी दुकान पर लोगों को नई दुकान का पता बताने के लिए लड़के को भी खड़ा किया था, वह कहीं चला गया होगा। 


जस्ट टुडे ने पूछा कि सरकार के निर्देश हैं कि कोरोना की हिदायतों का पालन करना जरूरी है। यहां पर ना तो सोशल डिस्टेंंसिंग की पालना हो रही है और ना ही सभी ने मास्क लगा रखे हैं? आप भी किसी को नहीं समझा रहे हैं?


इस पर उसने बताया कि हम इन्हें कई बार समझा चुके हैं, लेकिन ये भीड़ लगाकर एक ही जगह खड़े हो जाते हैं। कई बार पुलिस को भी बुलवा लिया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही ये सभी भूल जाते हैं। हम तो समझा-समझाकर थक चुके हैं।  


गरीबों का हक मार रहे अमीर


सांगानेर में त्रिपोलिया हनुमान मंदिर और शिकारपुरा रोड स्थित राशन डीलर्स ने बताया कि ज्यादातर आर्थिक रूप से सम्पन्न लोग ही राशन लेने आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके पास चौपहिया वाहन है और आयकर दाता भी हैं। ऐसे लोगों को ही सरकार की इस योजना का लाभ मिल रहा है। गरीब लोग पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण ना तो उनको योजना का पता है और ना ही उनको ऑनलाइन प्रोसेस कराना आता है। ऐसे में गरीब तबके के लोगों को राशन नहीं मिल पाता है। आर्थिक रूप से सम्पन्न व्यक्ति ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।


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