'काला टिक्का' से यश छाबड़ा बन रहे संगीत का 'इक्का'

- राजस्थान के युवा के गाए गाने ने बटोरीं सुर्खियां, अब तक मिले 1,75,045 व्यूज 


 
जस्ट टुडे

जयपुर। बॉलीवुड में मीका सिंह, दिलजीत दोसांझ, यो-यो हनी सिंह और बादशाह जैसे सिंगर्स की सफलता के बाद अब कई पंजाबी युवा इसमें कॅरियर बनाने में लगे हुए हैं। कुछ ऐसा ही कर रहे हैं, प्यार के शहर के नाम से मशहूर अलवर के युवा सिंगर यश छाबड़ा। इन दिनों यश अपने गाने 'काला टिक्का' की वजह से सुर्खियों में हैं। इस गाने को अब तक 1,75,045 व्यूज मिल चुके हैं। खास बात यह है कि यश के पास संगीत की कोई डिग्री भी नहीं है। जस्ट टुडे में यश के संघर्ष से लेकर सफलता की कहानी।


... और लौट आए संगीत की दुनिया में


जस्ट टुडे से बातचीत में यश ने बताया कि मम्मी-पापा मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे। लेकिन, मेरी इच्छा शुरू से संगीत में कॅरियर बनाने की थी। इसके लिए इंजीनियर की पढ़ाई पूरी करने के बाद घरवालों की खातिर नौकरी करने गुडगांव चला गया। यहां काफी दिनों तक नौकरी की, लेकिन, दिल में हरदम संगीत की लहरें हिलारें लेती रहतीं। मन नहीं लगने पर नौकरी छोड़ संगीत की दुनिया का रुख किया। खुद का बैण्ड बनाया और पूरा ध्यान संगीत पर ही लगाया।


बचपन के दोस्त की रंग लाई यारी


आखिरकर मेहनत रंग लाई और 19 जून को पंजाब की म्यूजिक कम्पनी व्हाइट हील म्यूजिक ने यश को प्लेटफॉर्म दिया। इसके बाद यश का गाया काला टिक्का शुक्रवार को लॉन्च हुआ। बी.टेक करने के बाद अब यश ने संगीत को ही आजीविका का साधन बना लिया है। इस पंजाबी गाने में उसका साथ बचपन के दोस्त हरप्रीत सिंह ने भी दिया है। इस गाने को अभी तक 1,75,045 व्यूज मिल चुके हैं।


कॉलेज एंथम भी बना चुके हैं यश


यश छाबड़ा अलवर में स्कीम-2 में रहते हैं। इनके पिता कपड़े के व्यापारी हैं और भाई का हैण्डलूम का शोरूम है। परिवार आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ा है, इसलिए बचपन से ही यश को भजन और सत्संग का शौक रहा है। इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष की पढ़ाई के दौरान यश ने एक गाना  'सहारा' भी लॉन्च किया। इससे यश को कॉलेज में काफी प्रसिद्धि मिली। यश  'नीला आसमां' नाम से कॉलेज एंथम भी बना चुके हैं, इससे भी इन्होंने काफी सुर्खियां बटोरीं।


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