हॉर्स ट्रेडिंग का डर, गहलोत ने की विधायकों की बाड़ाबंदी

जस्ट टुडे एक्सक्लूसिव



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- राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में चढ़ा सियासी पारा
- कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को दिल्ली रोड स्थित होटल में ठहराया
- लालच देकर कांग्रेसी विधायकों को तोडऩे का भाजपा पर लगा चुके हैं आरोप


दिल्ली रोड स्थित शिव विलास होटल में विधायकों के साथ प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा,
परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास सहित अन्य।
 

जस्ट टुडे

जयपुर। प्रदेश में जहां तेज गर्मी पारा बढ़ा रही है, वहीं सियासी हलचल ने भी गर्मी बढ़ा दी है। राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस में शह-मात का खेल जारी है। राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटें हैं। इन पर 19 जून को वोटिंग होगी। बहुमत के हिसाब से कांग्रेस दो और भाजपा को एक सीट मिलती दिख रही है।

लेकिन, भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों को खड़ा कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के माथे पर पसीना ला दिया है।
अशोक गहलोत को डर है कि भाजपा गुजरात की तरह कहीं राजस्थान में भी विधायकों को ना तोड़ ले।


ऐसे में अशोक गहलोत शह-मात के इस खेल में अपनी बाजी बड़े सोच-समझकर चल रहे हैं। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि राजस्थान में राजनीतिक ऊंट किस करवट बैठेगा। हालांकि, सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान में कुछ भी हो सकता है। 


विधायकों का डिनर होटल में ही


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गुजरात में भी राज्यसभा चुनाव हैं, लेकिन, चुनाव से पहले ही वहां कई कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही कई और के देने की संभावना है। चूंकि, एक सीट पर जीत का बहुमत होने के बाद भी राजस्थान ने अपने दो उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं। ऐसे में गुजरात जैसी स्थिति से बचने के लिए सीएम अशोक गहलोत ने विधायकों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर हलचल रही। पुलिस की आधा दर्जन गाडिय़ां वहां पहुंची। सभी कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को एस्कॉर्ट कर दिल्ली रोड स्थित शिव विलास होटल में ले जाया गया। दो बड़ी बसों और एक मिनी बस में इन विधायकों को ले जाया गया। सभी विधायकों का बुधवार का डिनर शिव विलास होटल में ही होगा। 


गहलोत ने लगाया भाजपा पर आरोप

इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग कर रही है। इसलिए 24 मार्च को राज्यसभा के चुनाव स्थगित किए गए थे। भाजपा कर्नाटक, मध्यप्रदेश और गुजरात में हॉर्स ट्रेडिंग कर भी चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कांग्रेस विधायकों को फोन कर भाजपा दिल्ली से लालच दे रही है। विधायकों से कहा गया कि पैसे लो, इस्तीफा दो। 


सीएम और प्रदेशाध्यक्ष की गाड़ी बेपटरी


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राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री की दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहे सचिन पायलट में पटरी बैठ नहीं पा रही है। सार्वजनिक मंचों पर भले ही ये टकराव की बात से मुकरते हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार बखूबी जानते हैं कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री में 36 का आंकड़ा है। चूंकि, अभी थोड़े ही दिन पहले मध्यप्रदेश में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया 22 विधायकों के साथ कमलनाथ सरकार को गिरा चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को डर है कि कहीं भाजपा राजस्थान में भी ऐसा ना कर दें। अगर ऐसा हुआ तो फिर राजस्थान में ना केवल सत्ता जाएगी बल्कि राज्यसभा की एक कुर्सी से भी कांग्रेस को हाथ धोना पड़ेगा। ऐसे में राज्यसभा चुनाव में गहलोत कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।


 


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