मदर इंडिया ऑफ सांगानेर...कोरोना पर लगा रहीं ब्रेक

कोरोना का एपिसेंटर बने सांगानेर में कई मां डेढ़ महीने से कोरोना से कर रहीं युद्ध

सभी के मन में कोरोना को हराने का जज्बा...क्योंकि, डर के आगे जीत है


जस्ट टुडे की मदर्स-डे पर खास पेशकश... मां तुझे सलाम

जस्ट टुडे
जयपुर। भारतीय मान्यतानुसार स्त्री को 'शक्ति' कहा गया है। इन्हीं शक्ति स्वरूपा मां ने 'रक्तबीज' नामक दानव का वध भी किया था। इस दानव के पास ऐसी शक्ति थी कि इसकी रक्त की बूंद जमीन पर गिरते ही उससे कई रक्तबीज पैदा हो जाते थे। ब्रह्माण्ड में त्राहि-त्राहि मच गई। तब शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा ने रक्तबीज का वध कर ब्रह्माण्ड को भय मुक्त किया था। फिलहाल हमारे सामने 'कोरोना महामारी' उसी रक्तबीज का कलियुगी अवतार है। यह भी एक इनसान से दूसरे इनसान, एक वस्तु से दूसरी वस्तु में पहुंच कर दुनियाभर में मानव जाति का विनाश कर रहा है। विश्व में इसका तोड़ किसी के पास नहीं है, ऐसे में सभी लोग छिपकर घरों में बैठे हैं। लेकिन, इस 'कलियुगी रक्तबीज' का संहार करने फिर शक्ति स्वरूपा हमारी मां, बहन और बेटियां फिर आगे आईं हैं। वे कोरोना संक्रमण वाले क्षेत्रों में निर्भय होकर लोगों की जांच कर रही हैं। उनसे उनकी कुशलक्षेम पूछ रही हैं। मदर्स-डे के मौके पर जस्ट टुडे अपने पाठकों को मिलवा रहा है ऐसी ही शक्ति स्वरूपा मांओं से, जो निर्भय होकर कोरोना क्षेत्रों में जाकर जनता की नब्ज टटोल रही हैं। ये अपनी जान दांव पर लगाकर 'कलियुगी रक्तबीज' रूपी कोरोना को बेदम कर रही हैं। 


हर हाल में कोरोना को मिटाकर ही रहेंगी



सांगानेर मुख्य बाजार में अभी हुई 80 व्यापारियों की रैण्डम सैम्पलिंग हुई थी, जिसकी शनिवार को आई रिपोर्ट में चार जने पॉजिटिव मिले। इसके बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस-प्रशासन ने सांगानेर मुख्य बाजार सहित कई मार्गों को बंद कर दिया। लोगों में डर बैठ गया, लेकिन, नहीं डरी तो सिर्फ शक्ति स्वरूपा मां। इन मांओं ने रविवार को कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में मोर्चा संभाला और लोगों की सेहत जांचने निकली पड़ी। ना केवल इन्होंने लोगों को हौंसला दिया बल्कि हिदायतों का पालन करने को भी कहा। इनमें मनोज, डॉली, अलका कंवर, रजनी खटीक, मंजू बैरवा, मंजू सैन, कौशल्या और अनुराधा सहित करीब 30 मांए थीं। इन्होंने खटीकों की ढाल, टिक्कीवालों का मोहल्ला, नाटाणियों का मौहल्ला, कागजी मोहल्ला, पंचायत समिति क्षेत्र, बगरेटों का मौहल्ला, सांगानेर मुख्य बाजार सहित पूरे क्षेत्र में मोर्चा संभाला और कोरोना को अंगूठा दिखाया। इन सभी का कहना है कि यदि हम स्वास्थ्य वॉरियर्स ही कोरोना से डर जाएंगे तो फिर लोगों को कैसे बचाएंगे। हम हर हाल में कोरोना को मिटाकर ही दम लेंगी।

खोखाबास में ये योद्धा कोरोना से ले रहे लोहा


सीताबाड़ी स्थित खोखाबास में जैसे ही कोरोना ने दस्तकी, पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सभी लोग अनजाने भय से छिप गए। ऐसे में लोगों के हाल जानने का बीड़ा उठाया आशा सहयोगिनी पूनम छीपा, रीता छीपा, मोहिनी देवी, ओम कंवर और सुजाता ने। इसमें इनका साथ दिया सहायिका सुनीता रावत ने। आशा सहयोगिनी पूनम छीपा ने बताया कि 11 मार्च से ही सीताबाड़ी क्षेत्र में स्क्रीनिंग कर रहे हैं। लेकिन, जैसे ही खोखाबास में कोरोना पॉजिटिव मिले तो फिर पूरी टीम अलर्ट हो गई। पूनम के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे स्क्रीनिंग शुरू करते हैं, जो करीब 1:30 बजे तक चलती है। हमने अभी तक कल्याण नगर एक से छह तक, केशव विहार, लक्ष्मी नगर, कनिष्क कॉलोनी सहित पूरे क्षेत्र की स्क्रीनिंग कर चुके हैं। प्रतिदिन एक आशा सहयोगिनी को 100 घरों , करीब 400-500 लोगों का सर्वे करना होता है। उन्होंने बताया कि जब पता चला कि कोरोना क्षेत्र खोखाबास में स्क्रीनिंग करनी है तो परिजन डर गए। लेकिन, मैंने उन्हें हिम्मत दी, मैंने कहा कि हम सभी कोरोना को हराएंगे। इसके लिए पहले मन से मजबूत होना जरूरी है। अब मन में बस कोरोना को ही हराने का संकल्प रहता है।



कागजी मोहल्ले में कोरोना...यह सुनते ही हिम्मत और बढ़ गई
 

सांगानेर में सबसे पहले जहां कोरोना की दस्तक हुई, उस संवेदनशील क्षेत्र कागजी मोहल्ले में जहां कोई भी जाने से डर रहा था। उस समय शक्ति स्वरूपा अनुराधा, अलका, सुमित्रा, रजनी और मंजू बैरवा ने निर्भय होकर वहां लोगों की स्क्रीनिंग की। इन सभी का कहना है कि हमारे मन में बिलकुल भी भय नहीं था। हमारे अंदर समाज-सेवा का जज्बा था। हमारे परिवार वालों ने भी हमारी हिम्मत बढ़ाई। उन्होंने कहा कि इस समय सेवा करने का मौका मिला है, पीछे नहीं हटना है, कोरोना को ही मिटाना है। इन्होंने बताया कि हमने कागजी मोहल्ला, खटीकों की ढाल, सुभाष कॉलोनी और रैगरों के दोनों मोहल्ले में हजारों की संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग की। कागजी मोहल्ले में स्क्रीनिंग के दौरान पता चलता था, कि कोरोना पॉजिटिव मिला है। तब भी मन में कभी खौफ पैदा नहीं हुआ बल्कि इरादा और भी मजबूत हुआ।



कोरोना को युद्ध में हराना है...देश को बचाना है


सांगानेर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नवरत्न छीपा, आशा सहयोगिनी अनोप देवी रैगर, टीम सहायिका उर्मिला मीणा ने लगातार 15 दिन तक कोरोना क्षेत्रों में जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान उन्होंने हजारों लोगों से उनकी कुशलक्षेम पूछी और उनकी जांच की। उन्होंने गोपी नगर, कुम्हारों का मोहल्ला, चम्पाराम जी की बगीची, छीपों का मोहल्ला, कुम्हारों का मोहल्ला, नेवटा का मोहल्ला, नाहरों का मोहल्ला, धोबी मोहल्ला, लावा का चौक, नामदेव चौक, मीणों का मोहल्ला, कोठी वालों का चौक, भक्तों का मोहल्ला, राधा वल्लभ मार्ग पर घर-घर जाकर सर्वे किया। कोरोना से डर नहीं लगात के सवाल पर इन सभी ने कहा कि जब देश में युद्ध छिड़ा हो तो फिर डरना नहीं चाहिए। वर्तमान में भी पूरा देश कोरोना से युद्ध लड़ रहा है। ऐसे में कोरोना को हराने का संकल्प मन में डर पैदा नहीं होने देता है। छीपा ने बताया कि 1 मई को गर्भवती महिला को जनाना अस्पताल लेकर गई और सुरक्षित प्रसव कराया। वहीं 7 अप्रेल को मेरी आशा सहयागिनी अनोप महिला चिकित्सालय में लेकर गईं और सुरक्षित प्रसव कराया। अनोप देवी रैगर को 2020 का राज्य स्तरीय यशोदा पुरस्कार भी मिल चुका है। सांगानेर के महावीर नगर में  में कविता वर्मा ने, अंजना शर्मा ने मारुति नगर में और सविता शर्मा ने कुशल नगर में भी लगातार कई दिनों तक हजारों लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान आशा सहयोगिनी संतोष, मीरा ने इनका पूरा साथ दिया।


ये सीता कोरोना से डरने वाली नहीं



सीताबाड़ी के गुलाब विहार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीता जाट 14 मार्च से ही सीताबाड़ी क्षेत्र में लगातार स्क्रीनिंग का कार्य कर रही हैं। इन्होंने बताया कि वे अब तक गुलाब विहार, गुर्जरों की ढाणी, विष्णु गार्डन, रामेश्वरम् कॉलोनी, प्रिन्टर्स नगर फस्र्ट, सैकण्ड और थर्ड, श्याम चौराहा, माथुर वैश्य नगर और राममंदिर के आस-पास के सम्पूर्ण क्षेत्र में अभी तक हजारों लोगों की नब्ज टटोल चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना 100 घरों में सर्वे करना होता है। कोरोना से डरने के सवाल पर कहा कि इससे डरना नहीं बल्कि डराना है। मन में कोरोना से दो-दो हाथ करने का जज्बा है। हमें असलियत में समाज-सेवा करने का मौका मिला है। परिजन भी मेरा हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जब सीता मां रावण जैसे राक्षस से ही नहीं डरीं तो फिर ये सीता कोरोना से कैसे डर सकती है। 


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