कबाड़ी और रिक्शाचालकों को भी बना दिया पत्रकार, पुलिस के हत्थे चढ़ी गैंग

- दिल्ली और उत्तरप्रदेश में पुलिस के हत्थे चढ़ी फर्जी पत्रकारों की गैंग

- जयपुर सहित राज्यभर में पत्रकार कार्ड बनाने का चल रहा है गोरखधंधा

- जार प्रदेशाध्यक्ष ने फर्जी पत्रकारों के खिलाफ अभियान चलाने का किया आह्वान


जस्ट टुडे
जयपुर। राजधानी दिल्ली और उत्तरप्रदेश में फर्जी पत्रकारों की गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ी है। फर्जी पत्रकारों की इस गैंग ने पैसे लेकर कबाड़ी, टैम्पो, रिक्शा चालकों के पत्रकार कार्ड बना दिए। दिल्ली की एक क्राइम मैगजीन के टाइटल के आधार पर देश भर में पत्रकार कार्ड बांटने का गोरखधंधा पनप रहा है। जयपुर समेत राजस्थान में भी यह खेल खूब चल रहा है। अखबार छपते ही नहीं इन्हें जिला और राज्यस्तरीय विज्ञापन मान्यता हासिल है। 

राज्यभर में चल रहा गोरखधंधा


कोटा के दो अखबार की जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था, जिसकी पुलिस जांच भी शुरू हो गई है। बिना टाइटल के ही प्रात:कालीन और सायंकालीन अखबार के ईपेपर की पीडीएफ बनाकर लोगों से विज्ञापन ऐंठे जा रहे हैं। अखबार बाजार में आता नहीं, लेकिन राज्य और देश भर में जिला संवाददाता बनाकर कार्ड बेचने का गोरखधंधा भी खूब चल रहा है। जयपुर में यह फर्जीवाड़ा खूब फलफूल रहा है। कल तक टेम्पो, कबाड़ी, मोबाइल, मैरिज ब्यूरो, चप्पल, परचूनी की दुकान चलाने वाले भी ई-पेपर निकाल थोक के भाव में पत्रकार कार्ड बेच रहे हैं। 

असली पत्रकार झेल रहे नुकसान


इनकी कारगुजारियों का नुकसान पत्रकारिता में लगे वास्तविक पत्रकारों को झेलना पड़ रहा है। शासन, सरकार भी इनसे परेशान हैं। राजस्थान जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने इस सम्बंध में सरकार से उचित कार्रवाई करने की मांग की है। जार प्रदेशाध्यक्ष राकेश शर्मा ने पत्रकारिता और वास्तविक पत्रकारों के लिए खतरा बने ऐसे फर्जी पत्रकारों, अखबारों और चैनल वालों को चिह्नित करइनके खिलाफ सरकार, शासन के सहयोग से अभियान चलाने और मामले दर्ज करवाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही जार की ओर से सरकार को इसका ज्ञापन भी देंगे। जस्ट टुडे की भी अपील है कि सभी पत्रकार चेतें और एकजुट होकर लडऩे का संकल्प भी लें, तभी पत्रकारिता पर बच पाएगी।


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