अब जिले से बाहर जाने पर नहीं किया जाएगा क्वारेंटाइन

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश



जस्ट टुडे
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि करीब दो माह से चल रहे लॉकडाउन की पीड़ा झेल रहे प्रवासियों एवं श्रमिकों को सम्बल देने के लिए क्वारेंटाइन शिविरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे श्रमिकों की तकलीफ को समझें और क्वारेंटाइन सेंटरों में रह रहे इन श्रमिकों के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज लागू करें, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें राहत मिल सके। ग्राम स्तरीय क्वारेंटाइन समितियों तक भी इन नवाचारों को पहुंचाया जाए।


ऐसे लोगों को ही किया जाए क्वारेंटाइन


गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रवासियों के सुरक्षित आवागमन, क्वारेंटाइन एवं शिविरों की व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान गहलोत ने निर्देश दिए कि हॉट-स्पॉट और कफ्र्यू एरिया को छोड़कर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले व्यक्तियों को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन नहीं किया जाए। केवल उन्हीं लोगों को क्वारेंटाइन करें, जिनमें सर्दी, खांसी या जुकाम (आईएलआई) के लक्षण पाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे भिवाड़ी, नीमराणा आदि में प्रतिदिन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आने वाले दूसरे राज्यों के उद्यमियों एवं श्रमिकों को भी क्वारेंटाइन नहीं किया जाए।


श्रमिकों को नहीं हो परेशानी

गहलोत ने कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा करना और मुसीबत के समय में प्रवासियों की पीड़ा को कम करना हमारा ध्येय होना चाहिए। अधिकारी इसकी गहन मॉनिटरिंग करें कि क्वारेंटाइन सेंटरों और शिविरों में श्रमिकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। 


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