अब गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में फ्री पढ़वाएगी 'समर्पण संस्था'

- समर्पण संस्था की मीटिंग पहली बार जूम एप पर आयोजित, लोकोपकार कार्यों की हुई समीक्षा

- निर्धन बच्चों को निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने में प्रयास करेंगे 'समर्पण शिक्षा सहयोगी'


जस्ट टुडे
जयपुर। कोरोना वायरस के चलते उपजे लॉकडाउन में समर्पण संस्था ने 'लोकोपकार' अभियान के जरिए हजारों जरूरतमंदों की दिल खोलकर मदद की। इन सेवा कार्यों की समीक्षा के लिए समर्पण संस्था की ओर से रविवार को जूम एप के जरिए बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्धन बच्चों को आरटीआई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की भी प्रतिबद्धता दिखाई गई। इसके लिए 'समर्पण संस्था' की ओर से 'समर्पण शिक्षा सहयोगी' नियुक्त करने पर भी सहमति बनी। 

100 रुपए दिया जाएगा मानदेय


इस बारे में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में एक 'समर्पण शिक्षा सहयोगी' नियुक्त किया जाएगा। इसे प्रति प्रवेश पर 100 रुपए मानदेय संस्था की तरफ से दिया जाएगा। मीटिंग में कोरोना वारियर्स को ऑनलाइन प्रशंसा-पत्र देने का भी निर्णय लिया गया। संस्था द्वारा पहले से चल रहे शिक्षा सहायता व एजुकेशनल एम्बेसडर अभियान भी नियमित जारी रहेगा।


'समर्पण शिक्षा सहयोगी' के आवेदन आमंत्रित 


संस्था की तरफ से 'समर्पण शिक्षा सहयोगी' ऐसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को बनाया जाएगा, जो अपने वार्ड में निर्धन परिवारों को ढूंढ कर उनके बच्चों के फार्म ऑनलाइन भरकर निजी स्कूलों में प्रवेश दिलवा सकें। ऐसे इच्छुक व्यक्ति अपना नाम, पता, वार्ड नम्बर, फोटो सहित व्यक्तिगत विवरण संस्थापक अध्यक्ष के वाट्सएप नम्बर 9414336431 पर या malyaaone@gmail.com पर मेल करें। अंतिम तिथि 30 जून 2020 है, चयन वरीयता के आधार पर किया जाता है।


आरटीई में आवेदन के लिए यह है योग्यता

राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में 25 फीसदी सीटों पर निर्धन बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है, इन बच्चों की फीस राज्य सरकार वहन करती है। इसके लिए वे बच्चे आवेदन कर सकते हैं, जिनके अभिभावक की इनकम सालाना ढाई लाख रुपए से ज्यादा नहीं हो। राज्य सरकार ने कुछ दिनों पहले ही यह इनकम सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपए की है, पहले यह सीमा सालाना एक लाख रुपए ही थी। 


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