ये छोटे घोड़े बच्चों का बढ़ाते हैं आत्मविश्वास

जस्ट टुडे
वाशिंगटन। आपने अभी तक शौकिया तौर पर घरों में सिर्फ कुत्ता पालते हुए ही देखा होगा। लेकिन, अब अमरीका और यूरोप में एक नए पालतू पशु को पालने का चलन बढ़ा है। यह पालतू पशु कई मायनों में कुत्ते से कहीं ज्यादा बेहतर है। खास बात है कि यह छोटे बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी मदद करता है। इस पालतू पशु का नाम है 'मिनिएचर होर्स'। इसे छोटा घोड़ा भी कहते हैं।

सिर्फ 38 इंच होती है लम्बाई


विशेषज्ञों का मानना है कि इन छोटे घोड़ों का जन्म स्थान मूल रूप से यूरोप है। इनकी ऊंचाई सिर्फ 34 से 38 इंच होती है। ज्यादातर घोड़े तो इससे भी कम ऊंचाई के होते हैं। इनके सामने तो डॉगी भी बड़ा लगता है। इनका वजन भी चार से पांच किलो तक ही होता है। दिखने में भले ही यह छोटा हो, लेकिन सामान्य घोड़े के मुकाबले इसकी उम्र ज्यादा होता है। जानकारों का कहना है कि एक छोटा घोड़ा करीब 50 साल की उम्र तक जिया था। वह अब तक का एकमात्र ऐसा घोड़ा है, जिसने इतनी लम्बी उम्र पाई।

गाड़ी चलाने का भी देते हैं प्रशिक्षण

विशेषज्ञों का कहना है कि ये छोटे घोड़े आमतौर पर दोस्ताना व्यवहार करते हैं और लोगों के साथ बातचीत करने में सक्षम होते हैं। इस कारण अमरीका और यूरोप में इनको पालतू जानवर की तरह पाला जाता है। इन्हें कुत्तों की तरह विकलांग लोगों और जानवरों की सहायता करने का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा इन्हें कुत्तों की तरह गाड़ी खींचने, कुत्तों की तरह होने वाली दौड़ का भी भरपूर प्रशिक्षण दिया जाता है।

ऐसे बढ़ता है आत्मविश्वास


इस घोड़े को पालने में ज्यादा खर्चा नहीं आता है। लेकिन, इसके फायदे बहुत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घोड़े बहुत ज्यादा बुद्धिमान होते हैं और इंसानी भाषा को सबसे ज्यादा समझते हैं और अपनी भाषा इंसानों का समझा सकते हैं। चूंकि, इनकी ऊंचाई बहुत ज्यादा नहीं होती है, ऐसे में बच्चे उनके साथ खेल सकते हैं, सवारी कर सकते हैं। इस दौरान बच्चा उनसे अपनी तरह बात भी करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार से बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है। क्योंकि, घोड़ा भी उसी तरह बच्चे से बात करता है। फिर घोड़े ऐसा कार्य भी करते हैं, जो औरों के लिए मुश्किल होते हैं। ऐसे में बच्चा जब उन्हें इस तरह से देखता है तो उसे भी लगता है कि वह भी इस तरह से कर सकता है। छोटी उम्र में बढ़ा आत्मविश्वास आगे चलकर ताउम्र उसकी मदद करेगा। उसे आगे बढऩे में मदद करेगा, वह बच्चा अन्य बच्चों की तुलना में जल्दी और ज्यादा सफल होगा।


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