व्यापार युद्ध ने बढ़ाई अमरीकी किसानों की चिंता

जस्ट टुडे
वाशिंगटन। अमरीका में गेहूं की फसल पककर तैयार है। अमरीकी किसान अब गेहूं की कटाई शुरू करने वाले हैं। अमरीका में अनुमानित तौर पर प्रतिवर्ष 60 मिलियन टन गेहूं पैदा होता है। इसमें से करीब आधा निर्यात किया जाता है। लेकिन, अभी हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से शुल्क बढ़ाने की मंशा जाहिर करने से अन्य देशों से व्यापार युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। ऐसे में अमरीका के किसान चिन्तित हैं कि इस बार उनकी फसल को कौन खरीदेगा। व्यापार युद्ध की तरफ बढ़ते अमरीकी कदमों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि ट्रम्प ने वादा किया था कि वे अमरीकी हितों को सर्वोपरि रखेंगे। लेकिन, व्यापार युद्ध ने उनके इन दावों को धता बता दिया है।


कृषि हिट लिस्ट में


अमरीका में कृषि की सबसे शक्तिशाली लॉबी समूहों में से एक अमरीकी फार्म ब्यूरो फेडरेशन के वरिष्ठ निदेशक डेविड सल्मोन्सन ने कहा कि चूंकि, इस समय अमरीका में फसल कटाई का मौसम होता है। चीन, मेक्सिको, कनाडा और यूरोपीय संघ सभी इस्पात और एल्युमिनियिम पर ट्रम्प के नए शुल्क पर प्रतिशोध की धमकी दे चुके हैं। यानी यदि अमरीका ने इन पर शुल्क बढ़ाया तो ये बाकी देश अमरीकी वस्तुओं पर भी ऐसा ही करेंगे। सल्मोन्सन का कहना है कि इस व्यापार युद्ध की बड़ी मार किसानों को ही झेलनी पड़ेगी। क्योंकि, इन सभी देशों की हिट लिस्ट में कृषि ही है।


140 अरब डॉलर का निर्यात प्रतिवर्ष


सल्मोन्सन ने कहा कि इस तरह के व्यापार विवादों की सबसे पहले शिकार किसान ही बनते हैं। अमरीका से प्रतिवर्ष 140 अरब डॉलर का कृषि निर्यात होता है। इसका बड़ा हिस्सा कनाडा, मेक्सिको, चीन और यूरोपीय संघों में जाता है। लेकिन, इन देशों ने धातु शुल्क बढ़ाने पर अमरीका को प्रतिशोध की धमकी दी है। ऐसे में अमरीका के किसानों का इसका खमियाजा उठाना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि 15 जून या उसके आस-पास ट्रम्प प्रशासन 25 फीसदी शुल्क वृद्धि के साथ चीनी प्रौद्योगिकी उत्पादों के 50 बिलियन मूल्य की एक सूची प्रकाशित करेगा। इसके बाद एक ऐसी ही सूची चीन से आने की भी उम्मीद है। ऐसे में किसानों को डर है कि वे इस चीनी सूची में शीर्ष पर होंगे।


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