सरपंच अनोखी का अनोखा काम...हर कोई कर रहा सलाम

अलवर जिले के खेरली गंज कस्बे के पास कुट्टीन साहब दास की सरपंच ने पेश की मानवता की मिसाल, गर्भवती महिला को लेकर गई हॉस्पिटल...जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य


जस्ट टुडे
खेरली गंज। वैश्विक कोरोना महामारी की मार अब गांव-कस्बों तक भी पहुंच गई है। अलवर जिले के कठूमर उपखण्ड के खेरली गंज कस्बे में एक महिला नर्स कर्मचारी, खेरली के पास स्थित रूद का नंगला में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन कफ्र्यू लगा दिया है। चूंकि, खेरली गंज के एकमात्र सरकारी रैफरल अस्पताल को कोरोना पॉजिटिव के चलते सील कर दिया गया है। ऐसे में चिकित्सा सम्बंधी परेशानियों से भी आम लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। 
सबसे ज्यादा परेशानी उन परिजनों को है, जिनके घर में गर्भवती महिला है। ऐसे वैश्विक संकट में परिजनों के सामने यक्ष प्रश्न रहता है कि वे गर्भवती महिला को लेकर कहां जाए। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया खेरली गंज के निकटवर्ती गांव कुट्टीन साहबदास ग्राम पंचायत में। 


अपनी गाड़ी से प्रसूता को ले गई हॉस्पिटल


कुट्टीन साहबदास ग्राम पंचायत स्थित नत्थी की ढाणी में गर्भवती महिला अनिता प्रजापत को प्रसव पीड़ा हुई, लेकिन, कफ्र्यू के चलते खेरली कस्बे में एम्बुलेंस या फिर कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं हुई। ऐसे में प्रसूता के पति दीपेन्द्र प्रजापत ने ग्राम पंचायत कुट्टीन साहबदास की सरपंच अनोखी मीणा को फोन पर आपबीती बताई। सरपंच अनोखी मीणा ने स्वयं की गाड़ी से पहले गर्भवती महिला को पथैना हॉस्पिटल लेकर गई। वहां चिकित्सक ने प्रसूता की नाजुक हालत को देखते हुए रैफर कर दिया। 


सरपंच पूरे समय रही साथ


(सरपंच अनोखी मीणा)
ऐसे में सरपंच अनोखी मीणा ने प्रसूता की नाजुक हालत के बारे में अपने ससुर डॉ. आर.पी.मीणा (संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य भवन, जयपुर) को जानकारी दी। उन्होंने प्रसूता को महवा (दौसा) में निजी हॉस्पिटल गोयल में जाने की सलाह दी।
इसके बाद डॉ. आर.पी.मीणा ने गोयल हॉस्पिटल के डॉ. जगमोहन गोयल से फोन पर बात की और पूरे मामले के बारे में बताया। इसके बाद प्रसूता को गोयल हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसने ऑपरेशन के जरिए दो बच्चियों को जन्म दिया। दोनों बच्चियां और उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ्य है। इस दौरान सरपंच अनोखी मीणा पूरे समय प्रसूता के साथ ही रही ।


गर्भवती महिलाओं का करो सर्वे: मुख्यमंत्री गहलोत


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के चलते अभी कुछ दिनों पहले अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि राज्य में जहां-जहां गर्भवती महिला हैं, उनका सर्वे कराया जाए। उनकी स्वास्थ्य की जांच की जाए और प्रसव के दौरान उनको पूरी सुविधा दी जाए। लेकिन, ऐसे मामलों को देखकर लगत है कि जिम्मेदारों ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। 


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