सांगानेर में 14,500 लोगों की हुई स्क्रीनिंग


  • कागजी मोहल्ले में चिकित्सा टीम ने 2750 घरों की स्क्रीनिंग 
    रेपिड टेस्ट किट पर रोक लगाने से नहीं हो सकी कोरोना जांच
    बुधवार को हो सकती है पीसीआर से कोरोना जांच


    एक्सक्लूसिव...सबसे पहले जस्ट टुडे



जस्ट टुडे
जयपुर। सांगानेर में हुए रेपिड टेस्ट में पांच व्यक्तियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्थानीय निवासी सहम गए। सभी लोगों के मन में कोरोना को लेकर भय और ज्यादा बढ़ गया। सांगानेरवासी ज्यादा सतर्क हो गए। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से चीन की रेपिड टेस्ट किट पर रोक लगाने से सांगानेर के कागजी मोहल्ले में मंगलवार को कोरोना जांच नहीं हो पाई। ऐसे में कोरोना पॉजिटिव का पता नहीं चल पाया। अब बुधवार को पीसीआर से ही टेस्ट किए जाएंगे, उसके बाद कोरोना संक्रमण को लेकर कागजी मोहल्ले की तस्वीर साफ हो पाएगी। 


कागजी मोहल्ले में दिनभर जांच में लगी रही 30 चिकित्सा टीम



ब्लॉक सीएमओ, सांगानेर धनेश्वर शर्मा ने बताया कि मंगलवार को चिकित्सा विभाग की 30 टीमों ने सांगानेर के कागजी मोहल्ले के करीब 2750 घरों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान करीब 14500 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में लोगों से उनकी ट्रेवल हिस्ट्री, पिछले दिनों कितने लोगों से मिले, किसी बाहरी व्यक्ति के उनके यहां आने, पहले से किसी बीमारी से ग्रसित होने सहित कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं, जिनके आधार पर प्रथमदृष्टया यह अनुमान लग जाता है कि कहां पर कोरोना संक्रमण की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि नगर-निगम की ओर से लगातार सेनेटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेपिड टेस्ट पर रोक लगाने से मंगलवार को कोरोना टेस्ट संभव नहीं हो पाया।


150 लोगों की नहीं आई जांच रिपोर्ट

धनेश्वर शर्मा से जस्ट टुडे ने पूछा कि रविवार और सोमवार को कागजी मोहल्ले में 150 लोगों के सैम्पल लिए गए थे, उनकी जांच में क्या रहा? इस पर शर्मा ने कहा कि उनकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं प्रतापनगर में आरयूएचएस में क्वारेंटाइन किए गए लोगों के बारे में उन्होंने कहा कि वहां पर उनका टेस्ट किया गया है और लगातार उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि खतरे की कोई बात नहीं है।


रेपिड टेस्ट किट पॉजिटिव को भी बता रही थी निगेटिव




   फोटो प्रतीकात्मक

प्रदेश में कोरोना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए चीन से मंगाई गई रेपिड टेस्ट किट की मदद ली जा रही थी। लेकिन, यह किट पॉजिटिव को भी निगेटिव ही बता रही थी। इस बारे में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि रेपिड टेस्ट किट कसौटी पर खरी नहीं उतर रही थी। इसलिए इससे टेस्टिंग फिलहाल रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में (आईसीएमआर) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् को लिख दिया है। वहां से अनुकूल जवाब नहीं मिलने पर इन किट्स को वापस भी भेजा जा सकता है। डॉ. शर्मा ने बताया कि रैपिड टेस्टिंग किट का प्रभाव जानने के लिए विभाग ने माइक्रोबॉयोलॉजी की हैड और मेडिसन विभाग प्रमुख के नेतृत्व में कमेटी बनाई थी। इन किट्स की एक्यूरेसी (शुद्धता) 90 प्रतिशत होनी चाहिए थी, लेकिन कमेटी के रिपोर्ट के अनुसार एक्यूरेसी 5.4 प्रतिशत ही आ रही है। उन्होंने बताया कि टेस्टिंग के वक्त आईसीएमआर की तापमान सहित अन्य गाइडलाइन का पूर्णतया पालन किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीसीआर द्वारा ही जांचें की जा रही है। मांग के चलते पीसीआर किट की खरीद के भी विभाग ने ऑर्डर कर दिए हैं।


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