पहला सुख निरोगी काया...7 राज्यों को वेदांता का काम भाया

राजस्थान सरकार को वेदांता ने दी 10 करोड़ रुपए की सहायता


जस्ट टुडे
निम्बाहेड़ा। वेदांता समूह की ओर से कोविड-19 के खिलाफ  सहयोग में अग्रणी भूमिका निभाई जा रही है। कम्पनी द्वारा अब तक स्थानीय जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य निवारक देखभाल प्रदान करने और दिहाड़ी  श्रमिकों को मुफ्त भोजन वितरित करने पर 151 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कई एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के साथ ही वेदांता ने महामारी फैलने से रोकने के लिए अब तक 7 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित किया है।

 'मेक इन इंडिया 2.0' होगा मंत्र


वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा है कि भारत ने कोविड-19 के प्रभाव से लडऩे में व्यापक एकजुटता दिखाई है। वहीं वैश्विक महामारी के समय सद्भावना दिखाते हुए कई देशों में महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति की है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर हो जाएगी जिसके लिए 'मेक इन इंडिया 2.0Ó मंत्र होगा, नए स्टार्ट-अप होंगे, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों से रोजगार मिलेगा, खनन और विनिर्माण उद्योग पुनर्जीवित होने से देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हम कार्य स्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सख्त मानदंड सुनिश्चित कर हमारी अर्थव्यवस्था को पुनर्गठित करेंगे।

100 करोड़ के कोष से होंगे सेहतमंद

अग्रवाल ने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कॉर्पोरेट सेक्टर का पूरा समर्थन है और देश के हर नागरिक का जीवन एवं उनकी आजीविका महत्वपूर्ण हैं। 'वेदांता द्वारा दैनिक श्रमिकों, निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए कर्मचारियों और अनुबंध भागीदारों के कल्याण के लिए 100 करोड़ रुपए का कोष स्थापित किया गया है।

जरूरतमंदों के लिए भोजन 

इस पहल के तहत कम्पनी की ओर से अब तक देश भर में दैनिक वेतनभोगियों को 5.5 लाख से अधिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही, मुम्बई के वर्ली कोलीवाड़ा में 13,500 मछुआरों को सूखा राशन प्रदान किया जा रहा है। वेदांता की व्यावसायिक इकाइयों ने स्थानीय समुदायों को 21,000 से अधिक सूखे राशन पैकेट वितरण करने के साथ ही वेदांता फाउण्डेशन ने मुम्बई के अभिनव कुष्ठ विद्यालय में लगभग 850 लाभार्थियों सहित 300 परिवारों को खाद्यान्न वितरित किया है।

मूक पशुओं को भी दिया आहार

कोविड -19 महामारी के बाद तालाबंदी के कारण दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में कम्पनी की ओर से दिल्ली, मुम्बई और पटना में उन्हें 10 लाख भोजन पैकेट देने का वादा किया है। निरीह पशुओं की खराब स्थिति को ध्यान में रखते हुए कम्पनी प्रतिदिन 50,000 से अधिक घुमन्तु पशुओं को आहार सुलभ करा रही है। कम्पनी ने अब तक दिल्ली, मुम्बई, जयपुर और पुणे में 6.6 लाख से अधिक घुमंतु पशुओं को आहार उपलब्ध कराया है।
 
स्वास्थ्य के लिए उठाए एहतियाती कदम
 
स्वास्थ्य निवारक सेवा को मजबूत करने के लिए, वेदांता ने एहतियाती कदम उठाते हुए लोगों को 2.5 लाख से अधिक मास्क वितरित किए हैं। कम्पनी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को और 2 लाख एन 95 मास्क उपलब्ध करा रही है। अब तक, कम्पनी द्वारा देश भर के जिला अस्पतालों को 26 हजार से अधिक सर्जिकल मास्क और 60 हजार से अधिक सर्जिकल दस्ताने प्रदान किए हैं। कम्पनी ने 75 हजार से अधिक साबुन और सैनिटाइजर समुदायों में वितरित किए हैं। 

इन कामों में भी वेदांता आगे


वेदांता ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के लिए 23 मशीनों का आयात करने के लिए कपड़ा मंत्रालय से अनुबंध कर इसी माह उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है, ये मशीनें प्रति दिन लगभग 5 हजार पीपीई का उत्पादन करेंगी। बाल्को चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के साथ ही कोरबा में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना की गई है। जोधपुर में केयर्न सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस को 120-बेड क्षमता के साथ क्वारेंटाइन सुविधा के रूप में जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है, जिसमें 150 लोगों के लिए दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह 10 से अधिक मोबाइल स्वास्थ्य वैन एम्बुलेंस के रूप में उपयोग करने एवं व्यावसायिक इकाइयों और नंद घरों द्वारा आवश्यक वस्तुओं के वितरण के लिए जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई हैं।

कर्मचारी कल्याण एवं सुरक्षा को प्राथमिकता
 
सरकार के निर्देशानुसार आवश्यक सेवाओं और सतत् उद्योगों के संचालन के तहत् वेदांता द्वारा अपने सभी संयंत्रों में कोविड -19 को रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए  कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कोरोना वायरस प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए वेदांता कर्मचारी एक दिन का वेतन देंगे, जो कम्पनी द्वारा राज्य राहत कोष के लिए दिया जाएगा। वेदांता ने अपोलो हॉस्पिटल्स के सहयोग से, कर्मचारियों को लॉकडाउन के दौरान समय पर स्वास्थ्य देखभाल की सलाह सुनिश्चित करने के लिए 24 घण्टे हेल्पलाइन की स्थापना की है। जो कि सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए उपलब्ध है।


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