कोरोना का ताला...कैसे जन्मदिन मनाएं बजरंग बाला

सांगानेर में त्रिपोलिया हनुमान मंदिर में मनाया गया बजरंगी का जन्मदिन, पुजारी ने ही किए सारे कार्य

जस्ट टुडे
सांगानेर। रामभक्त हनुमान, शंकर सुवन, केसरी नंदन, आंजनेय जैसे कई नामों से जाने वाले हनुमान जी का जन्मोत्सव सांगानेर क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। हालांकि, कोरोना वायरस के चलते मंदिरों में इस बार भीड़ एकत्रित नहीं हुई। सांगानेर स्थित त्रिपोलिया गेट के हनुमान मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बजरंग बली की जयन्ती मनाई गई। मंदिर पुजारी ने बताया कि सुबह 7 बजे विधि-विधानपूर्वक हनुमान जी का पंचामृत अभिषेक कराया गया। फिर करीब 12:15 बजे चोला शृंगार आरती पंडित सर्वेश बगरेठ ने सम्पन्न कराई। 


हर साल होती है भजन संध्या और निकलती है शोभायात्रा

जनसेवक गुलाब चंद शर्मा ने बताया कि इससे पहले हनुमान जयन्ती के वार्षिक उत्सव पर एक दिन पहले रात में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाता था। इसमें राजस्थान के मशहूर गायक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते थे। सम्पूर्ण रात्रि भक्तजन वीर बाला के भजनों पर मंत्र-मुग्ध रहते थे। हनुमान जयन्ती के दिन संध्या आरती के बाद विशाल शोभायात्रा निकाली जाती थी। इसमें हाथी-घोड़े और बैण्ड-बाजे से निकलती भजनों की मधुर स्वर लहरियां पूरे क्षेत्र में अनोखे भक्ति रस का संचार करती थीं। शोभायात्रा में श्रीराम की रामधनी के साथ मंडलिया भी अलग-अलग समूहों में रामधुनी करती हुईं चलती हैं।

 
छाया कोरोना रोग, नहीं लग पाया चूरमा-बाटी का भोग



इस बार कोरोना वायरस के चलते भजन संध्या और शोभायात्रा को स्थगित किया गया। क्योंकि, फिलहाल भक्तों की सेहत पहले है। इस बार हनुमान मंदिर में शृंगार पुजारी ने ही किया। किसी भी भक्त को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। कोरोना के चलते भक्त भी मंदिर नहीं गए और घर पर ही अंजनी के लाल का जन्मदिन मनाया। ऐसे में हर साल लगने वाला चूरमा-बाटी का भोग हनुमान लला को नहीं लग पाया, इससे सांगानेर की जनता की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं हैं। 


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