33 करोड़ से लगेगा कचरा संयंत्र, अब चमचमाएगी मुहाना मंडी

जस्ट टुडे
पूजा पाल
जयपुर। जयपुर में मुहाना स्थित फल-सब्जी मंडी में साफ-सफाई के लिए कचरा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की कृषि उपज मंडियां तथा उप मंडियां जल्द ही सौर ऊर्जा से रोशन होंगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए मुहाना मंडी में कचरा संयंत्र और विभिन्न मंडियों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को स्वीकृति दे दी है। 



 मुहाना में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 33.37 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र की स्थापना, संचालन और रखरखाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस संयंत्र के लिए यार्ड मद एवं सड़क मद में उपलब्ध बचत राशि का उपयोग कर सकेगी। इस संयंत्र की स्थापना के बाद में मुहाना मंडी में ही भारी मात्रा में उपलब्ध ठोस कचरे का निस्तारण कर कम्पोस्ट बनाया जा सकेगा और जिससे मंडी परिसर साफ-सुथरा रहेगा।

80 फीसदी तक ऋण सुविधा
जिन कृषि मंडियों और उप मंडियों के पास सोलर प्लांट की स्थापना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है, वहां कैपेक्स मोड से संयंत्र लगाए जाएंगे।
इस प्रक्रिया में विभिन्न बैंकों से संयंत्र की लागत राशि पर 70 से 80 प्रतिशत तक ऋण प्राप्त किया जा सकता है। जिन मंडी समितियों के पास बजट उपलब्ध नहीं है, वहां सोलर प्लांट की स्थापना का काम रेस्को मोड से होगा।
इन संयंत्रों की स्थापना के लिए 12.32 करोड़ रुपए के प्रस्ताव के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की गई है। इस निर्णय से इन संयंत्रों की स्थापना जल्द होगी और मंडियों में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध हो सकेगी।



यह होगा फायदा
मुहाना में राजस्थान की सबसे बड़ी सब्जी मंडी है। यहां पर राजस्थान सहित देशभर से फल और सब्जियां आती हैं। ऐसे में यहां पर कचरा भी खूब जमा हो जाता है। अभी कचरे के निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का आलम रहता है। बारिश के दिनों में तो हाल और भी बुरे हो जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों और ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कचरे से मच्छर-मक्खी पैदा होकर फल और सब्जियों को भी दूषित करते थे। ऐसे में अब कचरे का संयंत्र लगने से मंडी में साफ-सफाई रहेगी और ग्राहकों को भी दूषित फल-सब्जी खाने को नहीं मिलेंगे।


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