सांगानेर के अचरावाला में सांसों के बदले जरूरतमंदों को मिल रहीं गालियां

 - सांगानेर पंचायत समिति के राजस्व गांव अचरावाला में राशि गैस नामक निजी केन्द्र ऑक्सीजन के बदले जरूरतमंदों से कर रहा अभद्रता

- स्थानीय अधिकारियों से है गैस संचालक की मिलीभगत, शिकायत पर नहीं करते कार्रवाई

- स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री, बगरू विधायक, कलक्टर और एसडीएम से लगाई राहत की गुहार

 ऑक्सीजन नहीं मिलने पर जरूरतमंदों ने जताया विरोध। गैस संचालक ने बुला ली पुलिस। 

जस्ट टुडे
जयपुर।
कोरोना के इस भीषण दौर में एक तरफ पराए भी लोगों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो जरूरतमंदों से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। मानवता को शर्मसार करने देने वाला ऐसा ही मामला सांगानेर पंचायत समिति में सामने आया है। सांगानेर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जगन्नाथपुरा के राजस्व गांव अचरावाला में रोजाना मानवता को शर्मसार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बगरू विधायक गंगा देवी, जयपुर कलक्टर अंतरसिंह नेहरा, सांगानेर एसडीएम राजेश नायक से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। जिससे कोरोना काल में जरूरतमंदों को ऑक्सीजन के लिए परेशान ना होना पड़े। 

गैस संचालक करता है अभद्रता, पुलिस बनी रहती है मूकदर्शक

दरअसल, राजस्व गांव अचरावाला में राशि गैस एजेन्सी नाम से ऑक्सीजन का निजी केन्द्र है। कोरोना काल के चलते अभी हाल ही में इसे राज्य सरकार की ओर से अधिकृत किया गया है। कोई जरूरतमंद जब यहां पर ऑक्सीजन सिलेण्डर लेने जाता है तो उसे गालियां और अभ्रदता के सिवाय कुछ नहीं मिलता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस संचालक की मनमानी का जब विरोध किया जाता है तो पुलिस वहां पर मूकदर्शक बनी रहने के अलावा कुछ और नहीं करती है। 

पहले लोगों को घंटों कतार में लगवाया फिर पुलिस बुलाकर धमकाया

स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को तहसीलदार की इस केन्द्र पर ड्यूटी लगी थी। मंगलवार शाम को जब जरूरतमंद गैस सिलेण्डर लेने के लिए गैस एजेन्सी पर गए तो संचालक ने लोगों को कतार में लगा दिया। कई घंटे बाद भी लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिली तो उन्होंने विरोध किया। इस पर संचालक ने स्थानीय थाने से पुलिस बुला ली और जनता को डरा-धमकाकर भगा दिया। 

सरकारी आदेश का बना रहे बहाना

स्थानीय लोगों ने तहसीलदार और गैस संचालकों से गैस नहीं भरने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश है कि सरकारी अस्पतालों के अलावा कहीं भी गैस नहीं दी जाएगी। इस पर लोगों ने आदेश की प्रतिलिपि मांगी और केन्द्र के बाहर आदेश की प्रतिलिपि चस्पा करने को कहा। इस पर दोनों टालमटोल करने लग गए। इस तरह का आदेश अभी तक गैस संचालकों ने चस्पा नहीं किया है। इससे साफ होता है कि सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।

कहीं ब्लैक तो नहीं हो रही ऑक्सीजन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस संचालक के इस मनमाने रवैये से यह आशंका भी पैदा होती है कि कहीं गैस संचालक स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत करके इस गैस का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है। संभव है ब्लैक में गैस कहीं और बेची जा रही हो। मामला चाहे कुछ भी हो, जिम्मेदारों को इस मामले में हस्तक्षेप करके जनता को राहत अवश्य दिलानी चाहिए। 

Popular posts from this blog

सांगानेर सिंधी पंचायत और सिंधी ब्रह्म खत्री ने त्रिलोक महाराज को हटाया

केन्द्र सरकार से पैसा अटका, सीईटीपी प्लांट तीन साल से लटका...अब प्रदूषण मंडल ने कोर्ट से दिया झटका

व्यापार महासंघ, सांगानेर के पूर्व पदाधिकारियों की मीटिंग से जन्मा नया विवाद, एक पदाधिकारी ने चुनाव पर सहमति होना बताया तो दूसरों ने किया इससे इनकार