शिक्षा की भी हो परीक्षा, पूरी होगी दीक्षा

- समर्पण संस्था ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर किया ध्वजारोहण व पौधरोपण 


- वक्ताओं ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर दिए अपने विचार


- शिक्षा की समीक्षा के लिए नियामक आयोग होना जरूरी


    
जस्ट टुडे
जयपुर। 'शिक्षा की समीक्षा के लिए नियामक आयोग होना जरूरी है। इसके साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए तबादला नीति भी होनी चाहिए। 'उक्त विचार समर्पण संस्था की ओर से 74 वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ध्वजारोहण व पौधरोपण कार्यक्रम में 'नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक विश्लेषणÓ विषय पर मुख्य अतिथि राजस्थान सहकारिता सेवा के पूर्व संयुक्त रजिस्ट्रार सुरेन्द्र कुमार जलुथरिया ने व्यक्तकिए।
 जलुथरिया ने कहा कि 'शिक्षा से ही हमारा सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास होता है। मानवीय मूल्यों को विकसित करने वाली शिक्षा ही हमें महानता के शिखर पर ले जाती है। इससे पूर्व संस्था कार्यालय के सामने मुख्य अतिथि ने अन्य विशिष्ट अतिथि व संस्था पदाधिकारियों के साथ ध्वजारोहण किया। 


पौधरोपण कर हरियाली का संदेश



इस अवसर पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम के तहत संस्था कार्यालय के सामने पार्क में आम, नारियल, रॉयल पॉम, अमरूद, अशोक, गोल्डन फाइकस आदि के 21 बड़े पेड़ लगाए गए। सभी पेड़ पार्क का एक नक्शा तैयार करके डिजाइन के अनुसार उचित नाप से लगाए गए।
     कार्यक्रम की शुरुआत समर्पण प्रार्थना के साथ की गई, जिसे संस्था के कोषाध्यक्ष राम अवतार नागरवाल ने प्रस्तुत किया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुए संस्था के कार्यों तथा भावी योजनाओं की जानकारी दी।


मूल्यपरक शिक्षा समय की मांग


माल्या ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को मूल्यपरक शिक्षा देना बहुत जरूरी है। समर्पण संस्था द्वारा जिन निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा में सहायता की जाएगी, उन सभी विद्यार्थियों से समाज में एक भलाई का कार्य करने का प्रमाण लिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के प्रस्तावना में भी नैतिकता, तार्किकता, करूणा व संवेदनशीलता विकसित करने का उल्लेख किया गया है और यही शिक्षा की सार्थकता है। 


शिक्षा नीति से आएगा परिवर्तन



विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी बीएल बैरवा ने कहा कि वैश्विक भाषा अंग्रेजी का ज्ञान पहली कक्षा से ही बच्चों को अनिवार्य रूप से देना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के मुख्य प्रबंधक एमएल गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 से शिक्षा में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा ।


समर्पण में सब समाहित


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आई.ए.एस. जनाब शफी मोहम्मद कुरैशी ने कहा कि समर्पण संस्था के समर्पण में सब कुछ समाहित है, यहां दया, करुणा, परोपकार, त्याग, समानता, सहयोग की भावना प्रायोगिक रूप से देखी जा सकती है। अंत में संस्था के मुख्य सलाहकार व पूर्व जिला न्यायाधीश उदय चन्द बारूपाल ने सभी का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। मंच संचालन बिजनेसमैन आर. के. बुहाडिया ने किया।


Popular posts from this blog

सांगानेर सिंधी पंचायत और सिंधी ब्रह्म खत्री ने त्रिलोक महाराज को हटाया

व्यापार महासंघ, सांगानेर के पूर्व पदाधिकारियों की मीटिंग से जन्मा नया विवाद, एक पदाधिकारी ने चुनाव पर सहमति होना बताया तो दूसरों ने किया इससे इनकार

सांगानेर बाजार में पटाखे की चिंगारी कहर बनकर टूटी