समाज के 'नारायण' कर रहे 'नर सेवा'

श्री नारायण सेवा समिति की ओर से देशभर के कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहन स्वरूप वितरित किए जा रहे प्रशंसा-पत्र 


जस्ट टुडे
सांगानेर। कोरोना महामारी के चलते देशभर में लगे लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियों में दिहाड़ी मजदूर स्वयं को असहाय महसूस कर रहा था। लेकिन, समाज-सेवी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ ही आर्थिक सम्पन्न लोगों ने ऐसे समय में इन लोगों के लिए सेवा के द्वार खोल दिए। इन्हीं लोगों की वजह से करीब एक महीने से ज्यादा चल रहे लॉकडाउन में भी जरूरतमंदों को भरपेट खाना मिल रहा है। इन्हीं समाज-सेवी संस्थाओं में से एक है, श्री नारायण मानव सेवा समिति। यह समिति लॉकडाउन में जरूरतमंदों की खुले दिल से मदद कर रही है।


845 जरूरतमंदों को राशन किट



समिति के संस्थापक चन्द्रमोहन चहेता ने बताया कि लॉकडाउन के दिन से ही समिति की ओर से जरूरतमंदों के लिए भोजन सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। अब तक करीब 845 जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही करीब 1850 लोगों को मास्क भी वितरित किए जा चुके हैं, जिससे कोरोना में स्वास्थ्य की भी रक्षा हो सके। उन्होंने बताया कि समिति की ओर से नर-नारायण सेवा अभियान चलाया हुआ है, जिसके तहत नियमित रूप से जरूरतमंदों को राशन किट वितरित किए जा रहे हैं।


715 वॉरियर्स को प्रशंसा-पत्र...आप भी यूं पा सकते हैं


चहेता ने बताया कि लॉकडाउन में जो व्यक्ति ऐसा कार्य कर रहे हैं, जो समाज के लिए मिसाल हो। साथ ही किसी भी तरह से जरूरतमंदों को किसी भी प्रकार से राहत देने का अनुकरणीय कार्य कर रहे हों, उन्हें समिति की ओर से प्रशंसा-पत्र भेजे जा रहे हैं। ऐसे व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से से हो सकते हैं। देशभर में समाज के लिए मिसाल बन रहे करीब 715 लोगों को अभी तक प्रशंसा-पत्र भेजे जा चुके हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य कर रहा है तो वह समिति के व्हाट्स एप नम्बर 8003006667 पर अपनी जानकारी दे सकता है। उसके बाद समिति की ओर से उक्त व्यक्ति को प्रशंसा-पत्र जारी किया जाएगा।


Popular posts from this blog

सांगानेर सिंधी पंचायत और सिंधी ब्रह्म खत्री ने त्रिलोक महाराज को हटाया

केन्द्र सरकार से पैसा अटका, सीईटीपी प्लांट तीन साल से लटका...अब प्रदूषण मंडल ने कोर्ट से दिया झटका

व्यापार महासंघ, सांगानेर के पूर्व पदाधिकारियों की मीटिंग से जन्मा नया विवाद, एक पदाधिकारी ने चुनाव पर सहमति होना बताया तो दूसरों ने किया इससे इनकार