मानसून के लिए तैयार है जल शक्ति अभियान

जस्ट टुडे
नई दिल्ली। 'जल शक्ति अभियान' अपने विभिन्ना अंगों के जरिए वर्तमान स्वास्थ्य संकट से उबरने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल कोविड-19 संकट और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी श्रम बल की उपलब्धता को देखते हुए आगामी मानसून के मद्देनजर अभियान के तहत तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।



इस क्रम में ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन, नदी विकास, गंगा संरक्षण विभाग, भूमि संसाधन विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा इस साल आने वाले मानसून के मद्देनजर सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों को संयुक्त परामर्श जारी किया, साथ ही जल संरक्षण व पुन: संग्रहण के लिए की जाने वाली तैयारियों के बारे में अवगत कराया। हमारे देश के लिए ऐसा किया जाना सबसे ज्यादा अहम है।

75 लाख जलस्रोतों का किया जीर्णोद्धार

बीते साल जल शक्ति अभियान का शुभारम्भ किया गया था और इसके दायरे में जल संकट से जूझ रहे देश भर के 256 जिले शामिल थे। यह 'अभियान' सभी हितधारकों को जल संरक्षण अभियान के दायरे में लाने के लिए शुरू किया जनांदोलन है और बीते साल इसका देशव्यापी असर पड़ा था। राज्य सरकारों, केन्द्र सरकार, सामाजिक संगठनों, पंचायती राज संस्थानों और समुदायों सहित साढ़े छह करोड़ लोग इस अभियान से जुड़ गए हैं। 75 लाख पारम्परिक और अन्य जल स्रोत तथा तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया और लगभग एक करोड़ जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन ढांचे तैयार किए गए।


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